कर्नाटक सरकार ने यूपी बिहार के मज़दूरों को लेकर आने वाली रेलें रद्द कर दी हैं । इससे यूपी बिहार झारखंड के लाखों परिवारों में शोक की लहर है क्योंकि उनके परिजन विभिन्न राज्यों में लॉकडाउन में फँसे हुए हैं। आप सांसद संजय सिंह, वरिष्ठ पत्रकार शरद गुप्ता और वरिष्ठ वकील आर एम बगाई से इसी पर सवाल कर रहे हैं शीतल पी सिंह।
1984 से अमर उजाला, चौथी दुनिया, इंडिया टुडे, समय सूत्रधार, स्वतंत्र भारत, दैनिक जागरण आदि में 1993 तक लगातार रिपोर्टिंग की। इसके बाद पारिवारिक व्यवसाय में क़रीब दो दशक गुज़ारने के बाद पत्रकारिता में पुनर्वापसी को प्रयासरत। बीच में 2010-11 में 'समकाल' पाक्षिक समाचार पत्रिका का क़रीब एक वर्ष प्रकाशन किया ।













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