28 नवंबर 2018 को बॉम्बे हाई कोर्ट में दाखिल किए गए एफ़िडेविट में महाराष्ट्र की एसीबी ने कहा था कि रूल 10 के तहत डिपार्टमेंट के हर फ़ैसले के लिए विभाग के मंत्री ज़िम्मेदार होते हैं, लेकिन 25 नवंबर 2019 को वही एसीबी कह रही है कि सिंचाई घोटाले के आज रद्द किए गए नौ मामलों का अजीत पवार से कोई संबंध नहीं है। सत्य हिंदी पर देखिए शीतल के सवाल।
1984 से अमर उजाला, चौथी दुनिया, इंडिया टुडे, समय सूत्रधार, स्वतंत्र भारत, दैनिक जागरण आदि में 1993 तक लगातार रिपोर्टिंग की। इसके बाद पारिवारिक व्यवसाय में क़रीब दो दशक गुज़ारने के बाद पत्रकारिता में पुनर्वापसी को प्रयासरत। बीच में 2010-11 में 'समकाल' पाक्षिक समाचार पत्रिका का क़रीब एक वर्ष प्रकाशन किया ।

























