क्या अजित पवार शिंदे की जगह मुख्यमंत्री बनने वाले हैं? क्या बीजेपी के साथ उनका हनीमून ख़त्म हो गया है? क्या बीजेपी से उनकी नाराज़गी की वज़ह मुख्यमंत्री नहीं बनाया जाना है? क्या इसीलिए वे कैबिनेट की बैठक में शामिल नहीं हुए? क्या दलबदल कानून की वज़ह से शिंदे की कुर्सी जाएगी और दादा की ताजपोशी की जाएगी?
लेखक सत्यहिंदी के संपादक हैं। वह लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी लिबरल एंड क्रिएटिव आर्ट्स के पूर्व डीन हैं। पत्रकार, टीवी एंकर, लेखक, कवि और अनुवादक के तौर पर रचनात्मक लेखन कार्य करते रहे हैं।

























