दिल्ली पुलिस द्वारा कल देश की महिला पहलवानों के साथ किया गया अमानवीय व्यवहार सरकार की पूरी उदासीनता को दर्शाता है। क्या यह "बेटी बचाओ" का उदाहरण है या डब्ल्यूएफआई प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह की सुरक्षा का मतलब "बाहुबली बचाओ" है?
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