जिस तरह से तृणमूल कांग्रेस सांसद मोहुआ मोइत्रा को परेशान किया जा रहा था, कोई भी देख सकता था कि संसद की अनुशासनात्मक समिति उनके मामले में क्या करेगी। यह आम धारणा है कि अडानी के खिलाफ मुखर होने के कारण उनके खिलाफ 'पूछताछ के लिए नकद' का मामला गढ़ा गया है। इसलिए इसमें कोई आश्चर्य की बात नहीं है कि उसे इस 'पाप' की कीमत चुकानी पड़ेगी।
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