मल्लिकार्जुन खड़गे के अध्यक्ष बनने से काँग्रेस पर क्या फ़र्क पड़ेगा? क्या अब वह बीजेपी से लड़ने के लिए तैयार हो गई है? क्या अब वह ज़्यादा आक्रामकता के साथ बीजेपी को जवाब दे पाएगी? क्या पार्टी में एकजुटता बढ़ेगी? क्या गाँधी परिवार पर उसकी निर्भरता कम होगी? गाँधी परिवार की पार्टी पर पकड़ पर क्या अब अंतर आएगा?
लेखक सत्यहिंदी के संपादक हैं। वह लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी लिबरल एंड क्रिएटिव आर्ट्स के पूर्व डीन हैं। पत्रकार, टीवी एंकर, लेखक, कवि और अनुवादक के तौर पर रचनात्मक लेखन कार्य करते रहे हैं।


























