नागरिकता क़ानून लगाने से पहले यह पता लगा लिया जाए कि कितने लोग इसके पक्ष में हैं और कितने इसके ख़िलाफ़। इसके लिए संयुक्त राष्ट्र या उस जैसी किसी एजंसी की निगरानी में जनमत संग्रह करा लिया जाए। यह माँग किसने की है? इसका क्या नतीजा होगा? सत्य हिन्दी पर देखें प्रमोद मल्लिक का विश्लेषण।
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