दो मुस्लिम युवकों के अपहरण और उनकी हत्या के गंभीर आरोपों के बाद क्या बजरंग दल को एक सामाजिक या धार्मिक संगठन माना जा सकता है? क्या उसकी हिंसक और आतंकी गतिविधियों के मद्देनज़र प्रतिबंध नहीं लगना चाहिए? क्या उसके कार्यकर्ता समाज में टकराव की स्थितियाँ निर्मित नहीं कर रहे, सांप्रदायिक विभाजन को बढ़ावा नहीं दे रहे?
ट्रेंडिंग
ख़बर
अगली खबर लोड हो रही है...
ताजा खबरें
- Advertisement
- Advertisement
Advertisement 122455
पाठकों की पसन्द
- Advertisement
- Advertisement
Advertisement 1224333
वीडियो
- Advertisement
- Advertisement
Advertisement 1345566


























