क्या 2013 की मुज़फ़्फ़रनगर हिंसा में पीड़ित लोगों को न्याय मिला? और यदि मिला तो कितना मिला? 2017 के बाद से मुज़फ़्फ़रनगर की अदालतों ने दंगों से जुड़े 41 मामलों में फ़ैसले सुनाए हैं। इनमें से 40 मामलों में सभी आरोपियों को बरी कर दिया गया है। क्यों हुआ ऐसा?
1984 से अमर उजाला, चौथी दुनिया, इंडिया टुडे, समय सूत्रधार, स्वतंत्र भारत, दैनिक जागरण आदि में 1993 तक लगातार रिपोर्टिंग की। इसके बाद पारिवारिक व्यवसाय में क़रीब दो दशक गुज़ारने के बाद पत्रकारिता में पुनर्वापसी को प्रयासरत। बीच में 2010-11 में 'समकाल' पाक्षिक समाचार पत्रिका का क़रीब एक वर्ष प्रकाशन किया ।

























