संसद में निशिकांत दुबे का भाषण मोदी को पड़ेगा भारी?
लोकसभा में निशिकांत दुबे के विवादित भाषण के बाद संसद की मर्यादा पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। पूर्व प्रधानमंत्रियों के लिए आपत्तिजनक शब्दों के इस्तेमाल, स्पीकर की भूमिका और राहुल गांधी को बोलने से रोके जाने की तुलना ने सियासी बहस को और तेज कर दिया है। क्या अब संसद में नियम और गरिमा सिर्फ चुनिंदा लोगों के लिए रह गई है?