मोदी सरकार ने मनी लांड्रिंग एक्ट में संशोधन क्यों किए? संशोधित कानूनों के दायरे में जजों को रखने के पीछे उसका मक़सद क्या है? क्या ये जजों को धमकाने की कोशिश है? क्या ये न्यायपालिका को मुट्ठी में करने की कवायद है? इस संशोधन से न्यायपालिका पर क्या असर पड़ सकता है?
लेखक सत्यहिंदी के संपादक हैं। वह लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी लिबरल एंड क्रिएटिव आर्ट्स के पूर्व डीन हैं। पत्रकार, टीवी एंकर, लेखक, कवि और अनुवादक के तौर पर रचनात्मक लेखन कार्य करते रहे हैं।


























