दो बड़ी अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं का कहना है कि भारत में ग़रीबी की एक सुनामी आने वाली है जो छब्बीस करोड़ लोगों को ग़रीबी के दलदल में धकेल देगी। इससे देश में ग़रीबों की संख्या बढ़कर पैंसठ से सत्तर करोड़ हो जाएगी। ये बहुत बड़ी संख्या है और इससे देश का आर्थिक महाशक्ति बनने का सपना चकनाचूर हो सकता है। वरिष्ठ पत्रकार मुकेश कुमार की रिपोर्ट।
लेखक सत्यहिंदी के संपादक हैं। वह लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी लिबरल एंड क्रिएटिव आर्ट्स के पूर्व डीन हैं। पत्रकार, टीवी एंकर, लेखक, कवि और अनुवादक के तौर पर रचनात्मक लेखन कार्य करते रहे हैं।


























