डॉ. कफ़ील को रिहा करने का इलाहाबाद हाईकोर्ट का फ़ैसला इस मायने में अहम है कि इसने योगी सरकार की बदनीयती को एक बार फिर से बेनकाब कर दिया है। पेश है सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील अनिल कर्णवाल, पूर्व पुलिस अधिकारी और सामाजिक कार्यकर्ता एस.आर. दारापुरी और वरिष्ठ पत्रकार शीतल पी. सिंह से मुकेश कुमार की बातचीत।
1984 से अमर उजाला, चौथी दुनिया, इंडिया टुडे, समय सूत्रधार, स्वतंत्र भारत, दैनिक जागरण आदि में 1993 तक लगातार रिपोर्टिंग की। इसके बाद पारिवारिक व्यवसाय में क़रीब दो दशक गुज़ारने के बाद पत्रकारिता में पुनर्वापसी को प्रयासरत। बीच में 2010-11 में 'समकाल' पाक्षिक समाचार पत्रिका का क़रीब एक वर्ष प्रकाशन किया ।
















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