फ़ेक न्यूज़ सारी दुनिया में सत्तारूढ़ नेताओं की रक्षा का सबसे सफल हथियार क्यों बन गई है? भारत में तो लगता है कि इन पर कोई रोक ही नहीं है। क्या हैं इसके ख़तरे और क्यों ज़रूरी है सावधान रहना? सत्य हिंदी पर देखिए 'शीतल के सवाल' में विशेष रिपोर्ट।
1984 से अमर उजाला, चौथी दुनिया, इंडिया टुडे, समय सूत्रधार, स्वतंत्र भारत, दैनिक जागरण आदि में 1993 तक लगातार रिपोर्टिंग की। इसके बाद पारिवारिक व्यवसाय में क़रीब दो दशक गुज़ारने के बाद पत्रकारिता में पुनर्वापसी को प्रयासरत। बीच में 2010-11 में 'समकाल' पाक्षिक समाचार पत्रिका का क़रीब एक वर्ष प्रकाशन किया ।

























