अर्थव्यवस्था के आईसीयू में पहुँच जाने से घबराई केन्द्र सरकार ने आख़िरकार रामबाण इस्तेमाल कर ही दिया। क़रीब 20 बिलियन डॉलर का जुआ खेलकर मोदी सरकार ने अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने की कोशिश की जिससे सेंसेक्स ने आज रिकॉर्ड तोड़ दिया।
1984 से अमर उजाला, चौथी दुनिया, इंडिया टुडे, समय सूत्रधार, स्वतंत्र भारत, दैनिक जागरण आदि में 1993 तक लगातार रिपोर्टिंग की। इसके बाद पारिवारिक व्यवसाय में क़रीब दो दशक गुज़ारने के बाद पत्रकारिता में पुनर्वापसी को प्रयासरत। बीच में 2010-11 में 'समकाल' पाक्षिक समाचार पत्रिका का क़रीब एक वर्ष प्रकाशन किया ।

























