सुरेश चव्हाणके के कार्यक्रम का प्रोमो ही विभाजनकारी है। ऐसे में प्रोग्राम में क्या होगा ये समझा जा सकता है। मगर फिर भी उसे मंज़ूरी देने से सरकार की मंशा और निष्पक्षता पर सवालिया निशान लग रहा है। वरिष्ठ पत्रकार मुकेश कुमार की रिपोर्ट। Satya Hindi
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