चुनाव आयोग पर सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला मोदी सरकार के लिए कितना बड़ा झटका है? क्या वह इसे चुपचाप कबूल कर लेगी? क्या फ़ैसले को लागू करने में लेट-लतीफ़ करके वह अपना नियंत्रण जारी रखने की कोशिश करेगी? क्या इस फ़ैसले से चुनाव आयोग सरकार के शिकंजे से मुक्त हो जाएगा?
लेखक सत्यहिंदी के संपादक हैं। वह लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी लिबरल एंड क्रिएटिव आर्ट्स के पूर्व डीन हैं। पत्रकार, टीवी एंकर, लेखक, कवि और अनुवादक के तौर पर रचनात्मक लेखन कार्य करते रहे हैं।


























