ओआरएफ़ ने लिखा है कि अमेरिका और दुनिया को पता था कि बालाकोट का सच क्या है पर नई दिल्ली को चीन के ख़िलाफ़ अपने पाले में रखने के लिए पश्चिम ने भारत में फैलाए गए झूठ का पर्दाफाश नहीं किया। बालाकोट ने 2019 के चुनाव में मोदी जी के लिए वोट की फ़सल की बहार ला दी। दुनिया भर के विशेषज्ञों के हवाले से सवाल खड़ा कर रहे हैं शीतल पी सिंह।
1984 से अमर उजाला, चौथी दुनिया, इंडिया टुडे, समय सूत्रधार, स्वतंत्र भारत, दैनिक जागरण आदि में 1993 तक लगातार रिपोर्टिंग की। इसके बाद पारिवारिक व्यवसाय में क़रीब दो दशक गुज़ारने के बाद पत्रकारिता में पुनर्वापसी को प्रयासरत। बीच में 2010-11 में 'समकाल' पाक्षिक समाचार पत्रिका का क़रीब एक वर्ष प्रकाशन किया ।













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