दिल्ली के दंगों में स्पेशल सेल ने उमर ख़ालिद को कल रात गिरफ़्तार कर लिया है। उन पर यूएपीए लगाया गया है। इस गिरफ़्तारी के ख़िलाफ़ देश-विदेश में व्यापक प्रतिक्रिया हुईं हैं। सुप्रीम कोर्ट के एक हाल ही में रिटायर हुए जस्टिस लोकुर समेत 66 बुद्धिजीवियों ने इसके ख़िलाफ़ बयान दिया है, शीतल पी सिंह का विश्लेषण।
1984 से अमर उजाला, चौथी दुनिया, इंडिया टुडे, समय सूत्रधार, स्वतंत्र भारत, दैनिक जागरण आदि में 1993 तक लगातार रिपोर्टिंग की। इसके बाद पारिवारिक व्यवसाय में क़रीब दो दशक गुज़ारने के बाद पत्रकारिता में पुनर्वापसी को प्रयासरत। बीच में 2010-11 में 'समकाल' पाक्षिक समाचार पत्रिका का क़रीब एक वर्ष प्रकाशन किया ।













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