मोदी सरकार ने कोरोना के बहाने मज़दूरों पर बहुत ही कठोर प्रहार किया है । यूपी और एमपी की बीजेपी सरकारों के तीन साल तक ३४ मज़दूर क़ानूनों को निलंबित करने के फ़ैसले से आर एस एस समर्थित भारतीय मज़दूर संघ तक सड़क पर उतरने जा रहा है । वाम मज़दूर संगठन तो सड़क पर हैं ही । तफ़सील बता रहे हैं शीतल पी सिंह
1984 से अमर उजाला, चौथी दुनिया, इंडिया टुडे, समय सूत्रधार, स्वतंत्र भारत, दैनिक जागरण आदि में 1993 तक लगातार रिपोर्टिंग की। इसके बाद पारिवारिक व्यवसाय में क़रीब दो दशक गुज़ारने के बाद पत्रकारिता में पुनर्वापसी को प्रयासरत। बीच में 2010-11 में 'समकाल' पाक्षिक समाचार पत्रिका का क़रीब एक वर्ष प्रकाशन किया ।













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