कल कैपिटल हिल पर जो कुछ हुआ उसने लोकतांत्रिक दर्शन को चकनाचूर कर दिया है । सारी दुनिया एक स्वर से इसकी निंदा कर रही है इसे ख़ारिज कर रही है ।टेक्सास से द इंडिया आब्जर्वर की ब्यूरो चीफ़ विजय लक्ष्मी नाडार ने सत्यहिंदी के लिये इसका ताज़ा विश्लेषण किया है ।
1984 से अमर उजाला, चौथी दुनिया, इंडिया टुडे, समय सूत्रधार, स्वतंत्र भारत, दैनिक जागरण आदि में 1993 तक लगातार रिपोर्टिंग की। इसके बाद पारिवारिक व्यवसाय में क़रीब दो दशक गुज़ारने के बाद पत्रकारिता में पुनर्वापसी को प्रयासरत। बीच में 2010-11 में 'समकाल' पाक्षिक समाचार पत्रिका का क़रीब एक वर्ष प्रकाशन किया ।









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