विकास दुबे का एनकाउंटर हो गया! क्या साथ में क़ानून और न्याय व्यवस्था का भी एनकाउंटर हो गया? आलोक अड्डा में आशुतोष, शीतल, हर्षवर्धन त्रिपाठी, शरद गुप्ता और राजकेश्वर सिंह!
लेखक सीएनबीसी आवाज़ के पूर्व संपादक हैं, आर्थिक मामलाों के विशेषज्ञ हैं और समसामयिक विषयों पर लिखते रहते हैं।























