मोदी सरकार के पर्यावरण प्रभाव आकलन (Environment Impact Assessment) का मसौदा का ज़बर्दस्त विरोध हो रहा है। पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि इसको अगर मान लिया गया तो उद्योगपतियों और कारोबारियों को जल, जगल और ज़मीन की खुली छूट मिल जाएगी। वरिष्ठ पत्रकार मुकेश कुमार की रिपोर्ट
लेखक सत्यहिंदी के संपादक हैं। वह लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी लिबरल एंड क्रिएटिव आर्ट्स के पूर्व डीन हैं। पत्रकार, टीवी एंकर, लेखक, कवि और अनुवादक के तौर पर रचनात्मक लेखन कार्य करते रहे हैं।


























