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अमित शाह : श्रमिक स्पेशल बंगाल नहीं पहुँचने दे रही हैं ममता, मज़दूरों से अन्याय

कोरोना संकट से निपटने के मुद्दे पर केंद्र सरकार ने एक बार फिर पश्चिम बंगाल सरकार को निशाने पर लिया है और उस पर ज़ोरदार हमला किया है। 

गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को एक कड़ी चिट्ठी लिख कर कहा है कि वह श्रमिक एक्सप्रेस चलाने की अनुमति नहीं देकर अपने राज्य के मज़दूरों से अन्याय कर रही हैं। 
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अमित शाह ने ख़त में लिखा :

'हमें राज्य सरकार से अपेक्षित सहयोग नहीं मिल रहा है। राज्य सरकार ट्रेन पश्चिम बंगाल नहीं पहुँचने दे रही है। यह पश्चिम बंगाल के प्रवासी मज़दूरों के साथ अन्याय है। इससे उनके लिए दिक्क़तें बढ़ेंगी।'


अमित शाह, गृह मंत्री

श्रमिक स्पेशल

भारतीय रेल ने देश के अलग-अलग जगहों पर फँसे हुए प्रवासी कामगारों को उनके गृह राज्य पहुँचाने के लिए 100 से अधिक श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाई हैं। 
पश्चिम बंगाल के लिए पहला श्रमिक स्पेशल पिछले सप्ताह चलाया गया। राजस्थान के अजमेर से चल कर आसनसोल होते हुए दुर्गापुर जाने वाले इस ट्रेन में 1,200 प्रवासी मजदूर थे।
इसके बाद ममता बनर्जी ने ट्वीट किया था कि इस तरह का दूसरा श्रमिक स्पेशल केरल से चलाया जाएगा। 
कोरोना के मुद्दे पर केंद्र सरकार और पश्चिम बंगाल सरकार में ठनी हुई है। दोनों एक दूसरे पर हमला करने का कोई मौक़ा नहीं छोड़ते। 

चिट्ठी की राजनीति?

पिछले हफ़्ते गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार को एक चिट्ठी लिख कर कहा था कि पश्चिम बंगाल में कोरोना जाँच की संख्या बहुत ही कम है। उसने यह भी कहा कि कोरोना से होने वाली मौत की दर 13.2 प्रतिशत है, जो बहुत ही ऊंची है। 
पश्चिम बंगाल में अगले साल विधानसभा चुनाव है। तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी की नज़र इस चुनाव पर है और वे कोरोना के बहाने उसकी तैयारी कर रही हैं। वे कोरोना से निपटने के मुद्दे पर एक दूसरे को इसी को ध्यान में रख कर हमले कर रही हैं। 

सबकी निगाहें चुनाव पर?

राज्य सरकार यह साबित करने की कोशिश में है कि संकट की इस घड़ी में केंद्र उसकी मदद तो नहीं ही कर रहा है, उसे ठीक से काम भी नहीं करने दे रहा है, उसके काम में बेवज़ह हस्तक्षेप कर रहा है।
केंद्र सरकार यह नैरेटिव गढ़ने की कोशिश कर रही है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी कोरोना संक्रमण को रोकने में पूरी तरह नाकाम हैं और उनकी इस नाकामी का ख़ामियाजा राज्य की जनता भुगतेगी।
इस लड़ाई में राज्यपाल जगदीप धनकड़ भी शामिल हैं, जो अपने कर्तव्य का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री पर नियमित हमले कर रहे हैं और जिन्हें राज्य सरकार सत्ता हथियाने का केंद्र का औजार मानती है। 

पश्चिम बंगाल में अब तक कोरोना संक्रमण के 1,678 मामले पाए गए, जिसमें 160 की मौत हो गई। पूरे देश में कोरोना संक्रमितों की तादाद 60 हज़ार के आसपास चली गई है और इसमें मरने वालों की संख्या बढ़ कर 1,981 हो गई है। 

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