क्या ममता बनर्जी का ‘भाषा आंदोलन’ बांग्लाभाषियों के अधिकार की लड़ाई है या आने वाले चुनावों को देखते हुए राजनीतिक शिगूफा? जानिए इसके पीछे की रणनीति और विरोधियों की प्रतिक्रिया।
ममता बनर्जी
ममता का कहना है कि जिस बंगाल ने रवींद्रनाथ टैगोर, नजरूल इस्लाम, सुभाष चंद्र बोस और बंकिम चंद्र चटर्जी जैसी विभूतियों को जन्म दिया है उसकी भाषा का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
सीपीएम और कांग्रेस ने प्रवासी मजदूरों के मुद्दे पर इस चुनावी राजनीति के लिए भाजपा, तृणमूल कांग्रेस की आलोचना की है।