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ममता का धरना ख़त्म, लड़ाई तेज़, कहा, वापस गुजरात जाएँ मोदी

तीन दिन के जबरदस्त ड्रामे के बाद आज पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपना धरना ख़त्म कर दिया हालाँकि पहले उन्होंने कहा था कि वह 8 तारीख़ तक धरना देंगी। लेकिन आज सुबह सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला आ गया। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फै़सले में कहा कि कोलकाता के पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार को गिरफ़्तार नहीं किया जाएगा लेकिन राजीव कुमार को सीबीआई के साथ जाँच में सहयोग करना होगा।
धरना ख़त्म करते समय ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीख़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी को अपने अपने पद से इस्तीफ़ा दे देना चाहिए और वह गुजरात चले जाएँ। ममता ने तंज कसते हुए कहा कि वहीं (गुजरात में) एक आदमी की सरकार और एक पार्टी की सरकार चल रही है। ममता ने कहा कि मोदी सारी जाँच एजेंसियों पर कब्जा करना चाहते हैं। 

सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले के बाद ममता बनर्जी ने इसे् अपनी नैतिक जीत क़रार दिया था। तभी से यह उम्मीद लगाई जा रही थी कि ममता जल्द ही अपना धरना ख़त्म कर देंगी। देर शाम तमाम विपक्षी नेताओं से सलाह-मशविरे के बाद उन्होंने धरना ख़त्म करने का एलान कर दिया। 

धरना ख़त्म करते समय ममता ने कहा कि कोर्ट के फ़ैसले से संविधान और लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई की जीत हुई है और ऐसे में धरना ख़त्म कर देना चाहिए। 

बता दें कि रविवार की शाम सीबीआई 40 लोगों के दलबल के साथ कोलकाता के पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार के घर पहुँची थी। पश्चिम बंगाल सरकार का मानना था कि सीबीआई राजीव कुमार को गिरफ़्तार करने के लिए आई थी। ममता बनर्जी ने सीबीआई के इस क़दम की तीख़ी निंदा की थी और आनन-फानन में वह राजीव कुमार के घर जा पहुँची और बिना किसी पूर्व सूचना के वह वहीं धरने पर बैठ गईं थीं।  

ममता के धरने पर बैठते ही पूरे देश में हंगामा मच गया। ममता ने कहा कि देश का संविधान और लोकतंत्र ख़तरे में है। अरविंद केजरीवाल, राहुल गाँधी, अखिलेश यादव, चंद्रबाबू नायडू, तेजस्वी यादव और दूसरे विपक्षी नेताओं ने ममता का समर्थन किया और मोदी सरकार पर आरोप लगाए कि वह सीबीआई का दुरुपयोग कर विपक्षी सरकारों और नेताओं को अस्थिर करने की कोशिश कर रही है। 

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