पश्चिम बंगाल में चुनाव से पहले ही मतदाताओं को लुभाने में भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बीच भिड़ंत देखने को मिल रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को करोड़ों रुपये की परियोजनाओं की घोषणा करने कोलकाता जाएँगे तो इससे पहले ममता बनर्जी ने शुक्रवार को राज्य के पाँच समुदायों के लिए बड़ी घोषणा कर पीएम को चुनौती दे डाली है।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर ऐलान किया कि उनकी सरकार जल्द ही पांच समुदायों के लिए नए सांस्कृतिक और विकास बोर्ड बनाएगी। ममता बनर्जी ने एक्स पर पोस्ट करके कहा, 'मैं खुशी से ऐलान करती हूं कि हमारी सरकार जल्द ही मुंडा (अनुसूचित जनजाति), कोरा (अनुसूचित जनजाति), डोम (अनुसूचित जाति), कुम्भकार (अन्य पिछड़ा वर्ग) और सद्गोप (अन्य पिछड़ा वर्ग) समुदायों के लिए पांच नए सांस्कृतिक और विकास बोर्ड बनाएगी।'
ममता ने कहा कि ये समुदाय राज्य की संस्कृति और समाज का अहम हिस्सा हैं। ये बोर्ड इन समुदायों की खास भाषा, परंपराओं और रीति-रिवाजों की रक्षा करेंगे। साथ ही इनके लिए बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएँ और नौकरियाँ सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने कहा कि 2013 से उनकी सरकार ने कमजोर समुदायों के लिए कई ऐसे बोर्ड बनाए हैं, जिससे इनका चौतरफ़ा विकास हुआ है।
ममता ने लिखा, 'हमारा लक्ष्य है कि कोई भी समुदाय पीछे न छूटे। समावेशी प्रगति और निरंतर समर्थन से हर चेहरे पर मुस्कान लाना हमारा मकसद है। जय बांग्ला!'

पश्चिम बंगाल विधानसभा की 294 सीटों पर चुनाव अप्रैल-मई में होने की संभावना है। तृणमूल कांग्रेस लगातार चौथी बार सत्ता में आने की कोशिश कर रही है। यह ऐलान चुनावी रणनीति का हिस्सा लगता है, क्योंकि ये समुदाय वोट बैंक में अहम भूमिका निभाते हैं।

पीएम मोदी का दौरा और बड़े प्रोजेक्ट

ममता बनर्जी की यह घोषणा तब आई है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शनिवार को पश्चिम बंगाल में करोड़ों रुपये की परियोजनाओं पर बड़ी-बड़ी घोषणाएँ करना प्रस्तावित है। पीएम मोदी दोपहर क़रीब 2 बजे कोलकाता में कुल 18680 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। ये परियोजनाएं सड़क, बंदरगाह, रेलवे और अन्य क्षेत्रों में हैं, जो पूर्वी भारत की कनेक्टिविटी और अर्थव्यवस्था को मजबूत करेंगी। पीएम की इन घोषणाओं को भी बंगाल में चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है। चुनाव आयोग जल्द ही मतदान की तारीखों का ऐलान कर सकता है। अभी तक अप्रैल में कई चरणों में चुनाव होने की संभावना है।

नरेंद्र मोदी बनाम ममता बनर्जी?

पश्चिम बंगाल के 2026 विधानसभा चुनाव में मुख्य मुकाबला बीजेपी और टीएमसी के बीच है। यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बीजेपी की तरफ़ से मुख्य चेहरा हैं, जबकि ममता बनर्जी टीएमसी की सुप्रीमो और मौजूदा मुख्यमंत्री हैं। राज्य में 294 सीटों पर वोटिंग होगी। 148 सीटों से ज्यादा जीतने वाली पार्टी सरकार बनाएगी। 2021 के चुनाव में टीएमसी ने 213 से ज़्यादा सीटें जीतीं और सरकार बनाई। बीजेपी 77 सीटों पर जीती। कांग्रेस और लेफ्ट पार्टियां कमजोर रहीं। अब 2026 में बीजेपी मोदी के नेतृत्व में पूरे जोर से लड़ रही है, जबकि ममता टीएमसी को मज़बूत रखने के लिए नए टारगेट सेट कर रही हैं।

दो बड़े मुद्दे 

चुनाव आयोग वोटर लिस्ट की सफाई कर रहा है। ममता का आरोप है कि चुनाव आयोग बीजेपी के इशारे पर 1.2 करोड़ वोटर्स के नाम काट रहा है, जो टीएमसी सपोर्टर्स हैं। चुनाव आयोग कहता है कि यह निष्पक्ष प्रक्रिया है। यह मुद्दा 2026 चुनाव का बड़ा बैटलग्राउंड बन गया है। ममता ने दिल्ली में प्रोटेस्ट किया और चुनाव आयोग को चुनौती दी। चुनाव आयोग वोटर लिस्ट की सफाई कर रहा है। ममता का आरोप है कि चुनाव आयोग बीजेपी के इशारे पर 1.2 करोड़ वोटर्स के नाम काट रहा है, जो टीएमसी सपोर्टर्स हैं। चुनाव आयोग कहता है कि यह निष्पक्ष प्रक्रिया है। यह मुद्दा 2026 चुनाव का बड़ा बैटलग्राउंड बन गया है। ममता ने दिल्ली में प्रोटेस्ट किया और चुनाव आयोग को चुनौती दी।
बीजेपी का आरोप है कि ममता वोट बैंक के लिए बांग्लादेशी घुसपैठियों को बढ़ावा दे रही हैं, जो बंगाल की डेमोग्राफी बदल रहा है। अमित शाह ने कहा कि बीजेपी सत्ता में आई तो घुसपैठ रोकेंगे।