ममता बनाम बीजेपीः घटनाक्रम

  • भवानीपुर स्ट्रांग रूम के बाहर धारा 163 लागू
  • ममता बनर्जी ने 30 अप्रैल की देर रात भवानीपुर स्ट्रांगरूम में करीब 4 घंटे बिताए
  • TMC ने EVM छेड़छाड़ और BJP-EC मिलीभगत के गंभीर आरोप लगाए
  • शुभेंदु अधिकारी ने ममता की निगरानी का दावा किया; BJP ने TMC वाहन को रोका
  • चुनाव आयोग ने सभी आरोप खारिज किए, अतिरिक्त केंद्रीय सुरक्षा बल तैनात किए
  • 4 मई को 294 सीटों की मतगणना होगी
पश्चिम बंगाल की भवानीपुर विधानसभा सीट पर मतदान के बाद राजनीतिक सरगर्मी चरम पर पहुंच गई है। भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को लेकर सनसनीखेज दावे कर रहे हैं। दूसरी ओर EVM में गड़बड़ी की शिकायतों को लेकर भवानीपुर का स्ट्रॉन्ग रूम परिसर 'युद्ध क्षेत्र' में तब्दील हो गया।

दोपहर 2 बजे का अपडेटः भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र के मतगणना केंद्र और ईवीएम स्ट्रांग रूम, (सखावत मेमोरियल स्कूल) के बाहर कोलकाता पुलिस ने बीएनएस की धारा 163 लागू कर दी है। धारा 163 को पहले धारा 144 के नाम से जाना जाता था। रात भर तनाव की खबरों के बाद सुरक्षा बढ़ा दी गई है ताकि अनाधिकृत प्रवेश को रोका जा सके।

ममता बनर्जी निगरानी में: सुवेंदु अधिकारी का दावा

भाजपा के फायरब्रांड नेता शुभेंदु अधिकारी ने एक बड़ा बयान देते हुए दावा किया है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी फिलहाल सख्त निगरानी (Surveillance) में हैं। उन्होंने संकेत दिया कि भवानीपुर के स्ट्रॉन्ग रूम की कड़ी मॉनिटरिंग की जा रही है ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे। सुवेंदु के मुताबिक, सुरक्षा एजेंसियां और चुनाव आयोग मतदान के बाद की प्रक्रिया पर पैनी नजर रखे हुए हैं। उन्होंने राज्य प्रशासन और ममता बनर्जी के बीच के समीकरणों पर भी सवाल खड़े किए हैं।

स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर भारी हंगामा और 'एंटी-क्लाइमेक्स'

दूसरी ओर, भवानीपुर के स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर तृणमूल कांग्रेस (TMC) और चुनाव आयोग के बीच सीधा टकराव देखने को मिला। टीएमसी ने आरोप लगाया कि EVM मशीनों के साथ छेड़छाड़ की कोशिश की जा रही है। इसके बाद वहां मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी जा पहुंचीं। इस दौरान वहां टीएमसी समर्थकों की भारी भीड़ जमा हो गई और स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई। करीब चार घंटे तक धरना चलता रहा। बीजेपी के नेताओं ने ममता की वहां मौजूदगी पर आपत्ति जताई। इलाके में भारी पुलिस बल और केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती करनी पड़ी।
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मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मूसलाधार बारिश को नजरअंदाज करते हुए घटनास्थल पर पहुंचीं। शुरुआत में केंद्रीय बलों ने उन्हें अंदर जाने से रोका, लेकिन चुनाव नियमों के तहत उम्मीदवार और उनका एजेंट सीलबंद कमरे तक जा सकते हैं, इसलिए बाद में उन्हें अनुमति दी गई। ममता करीब रात 12:07 बजे बाहर निकलीं और दृढ़ स्वर में बोलीं- "लोगों के वोट की रक्षा होनी चाहिए। EVM के साथ छेड़छाड़ की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।" उन्होंने मीडिया के लिए CCTV लगाने और मतगणना क्षेत्र में पारदर्शिता की मांग भी रखी।
नेताजी इंडोर स्टेडियम के बाहर TMC नेता कुणाल घोष और शशि पांजा ने धरना दिया। घोष ने आरोप लगाया कि उनके प्रतिनिधियों को अंदर नहीं जाने दिया जा रहा, जबकि CCTV में लोग काम करते दिख रहे हैं। शशि पांजा ने कहा- "हमें सब कुछ दिखाया क्यों नहीं जा रहा?" दूसरी ओर भवानीपुर में BJP कार्यकर्ताओं ने एक TMC वाहन को रोका, यह आरोप लगाते हुए कि उसमें संदिग्ध सामग्री थी।
हालांकि, यह पूरा घटनाक्रम एक 'एंटी-क्लाइमेक्स' पर जाकर खत्म हुआ। चुनाव आयोग ने टीएमसी के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया और स्पष्ट किया कि सभी EVM मशीनें सुरक्षित हैं और प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन किया जा रहा है। घंटों चले हंगामे के बाद, जब आयोग ने स्थिति स्पष्ट की और कोई पुख्ता सबूत सामने नहीं आए, तो विरोध प्रदर्शन धीरे-धीरे शांत हो गया।

आरोप-प्रत्यारोप का दौर

भाजपा का रुख: शुभेंदु अधिकारी का कहना है कि टीएमसी अपनी हार के डर से इस तरह के हथकंडे अपना रही है और चुनाव आयोग पर बेवजह दबाव बना रही है।
टीएमसी का आरोप: मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी पार्टी ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं। उनका दावा है कि केंद्र सरकार के इशारे पर चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है।
गौरतलब है कि 2021 में ममता को नंदीग्राम में शुभेंदु ने 1,956 वोटों से हराया था, लेकिन इस बार ममता ने अपने गृह क्षेत्र भवानीपुर से मैदान में उतरने का फैसला किया है।
TMC ने सोशल मीडिया पर BJP और चुनाव आयोग पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए लिखा- "यह दिन-दहाड़े लोकतंत्र की हत्या है।" पार्टी ने एग्जिट पोल के नतीजों को भी पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि ये आंकड़े "सीधे BJP दफ्तर से जारी" किए गए हैं ताकि उनके समर्थकों का मनोबल तोड़ा जा सके। पार्टी का दावा है कि TMC 226 से ज्यादा सीटें जीतकर फिर सत्ता में आएगी।