ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई ने 'थोपे गए युद्ध' के खिलाफ ईरान का साथ देने के लिए इराकी जनता और वहां के धार्मिक नेतृत्व का आभार व्यक्त किया है। ईरानी सरकारी मीडिया ने रविवार को यह जानकारी दी, हालांकि यह स्पष्ट नहीं किया गया कि यह संदेश किस माध्यम से भेजा गया है। इराक के धार्मिक नेतृत्व का शुक्रिया अदा करना बहुत बड़ा संकेत है। क्योंकि इराक के नजफ में शिया धर्मगुरु और आयतुल्लाह सिस्तानी रहते हैं। वो पूरी दुनिया में शिया धर्मगुरुओं में सबसे बुजुर्ग हैं। उनके अनुयायी सबसे ज्यादा पूरी दुनिया में हैं। जिनमें भारत और पाकिस्तान के शिया मुस्लिम सबसे ज्यादा हैं। आयतुल्लाह सिस्तानी ने सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की हत्या की निन्दा करते हुए ईरान पर थोपे गए युद्ध को गलत बताया था। उन्होंने पूरी दुनिया के मुसलमानों से अमेरिका और इसराइल की इस बर्बरता के खिलाफ खड़े होने का आह्वान किया था।
मुजतबा खामेनेई का संदेश ऐसे समय में आया है जब उनकी सेहत और स्थिति को लेकर पूरी दुनिया में कयास लगाए जा रहे हैं।
हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मुजतबा खामेनेई के सार्वजनिक रूप से दिखाई न देने पर सवाल उठाए थे। ट्रंप ने कहा था कि वाशिंगटन ने खामेनेई से सीधे तौर पर कोई संपर्क नहीं किया है। ट्रंप के शब्दों में, "हमने उनके बेटे (मुजतबा) के बारे में कुछ नहीं सुना है। हमें नहीं पता कि वह जीवित भी हैं या नहीं।" ट्रंप ने यह भी दावा किया था कि वह या तो मर चुके हैं या फिर बेहद खराब स्थिति में हैं, क्योंकि उन्हें कहीं देखा नहीं गया है। ट्रंप यह बात अब तक कई बार दोहरा चुके हैं। इसराइल की हिटलिस्ट में मुजतबा का नाम है।
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तीन हफ्तों से रहस्य बना हुआ है ठिकाना

मुजतबा खामेनेई को उनके पिता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद ईरान का सुप्रीम लीडर नियुक्त किया गया था। अली खामेनेई की हत्या अमेरिका और इसराइल के एक हवाई हमले में हुई थी, जिसमें मुजतबा की पत्नी और बेटा भी मारे गए थे। खुद मुजतबा भी इस हमले में घायल हो गए थे।
सुप्रीम लीडर बनने के बाद पिछले तीन हफ्तों से मुजतबा को सार्वजनिक रूप से न तो देखा गया है और न ही सुना गया है। अब तक उनके नाम से जारी सभी बयान केवल लिखित रूप में सरकारी मीडिया के माध्यम से आए हैं, जिन्हें अन्य लोगों द्वारा पढ़ा गया है। उनकी कोई ताजा तस्वीर या वीडियो भी सामने नहीं आया है।

इरानी अधिकारियों का पक्ष

ईरानी अधिकारियों का कहना है कि मुजतबा हवाई हमले में लगी चोटों से उबर रहे हैं। ताजा रिपोर्ट के अनुसार, उनका नया संदेश बगदाद में ईरान के राजदूत और 'इस्लामिक सुप्रीम काउंसिल ऑफ इराक' के बीच हुई एक बैठक के बाद जारी किया गया है।
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मुजतबा खामेनेई 1979 की क्रांति के बाद ईरान के तीसरे सुप्रीम लीडर हैं। उन्होंने अपने पिता अली खामेनेई की जगह ली है, जिन्होंने ईरान में इस्लामिक क्रांति जनक नेता रूहल्लाह खुमैनी के बाद सत्ता संभाली थी। फिलहाल मुजतबा की अनुपस्थिति ने ईरान की आंतरिक स्थिरता और उनके स्वास्थ्य को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज कर दी है।