अमेरिका में टेक्सास राज्य के फ्रिस्को शहर में सिटी काउंसिल की बैठक 3 फरवरी 2026 को अचानक विवादास्पद बहस में बदल गई। दक्षिणपंथी (राइट-विंग) कार्यकर्ताओं और भारतीय मूल के निवासियों के बीच जोरदार टकराव हुआ, जिसमें एच-1बी वीजा में कथित धोखाधड़ी और शहर पर 'भारतीय टेकओवर' यानी शहर पर भारतीयों द्वारा कब्जा करने के आरोप लगाए गए। इंडियन अमेरिकन एडवोकेसी काउंसिल (आईएएसी) ने विदेशियों के प्रति नफरत और नस्लीय भेदभाव से भरी बयानबाजी की कड़ी निंदा की है। आईएएसी ने कहा कि कानूनी ढंग से रह रहे निवासियों और टैक्सपेयर्स को "भारतीयों का कब्ज़ा" कहना "सामुदायिक चिंता" नहीं है। यह खुला नस्लवाद और जानबूझकर की गई धमकियां हैं।


इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, बैठक में करीब दर्जन भर दक्षिणपंथी समर्थक 'अमेरिका फर्स्ट' टोपी, पनिशर प्रतीक वाली मास्क और अन्य राइट-विंग प्रतीकों के साथ शामिल हुए। ये लोग फ्रिस्को के निवासी नहीं थे, बल्कि उत्तरी टेक्सास के विभिन्न हिस्सों से सोशल मीडिया पर कायली कैंपबेल, मार्क पलासियानो जैसे इनफ्लुएंसर्स के आह्वान पर पहुंचे थे। उन्होंने एच-1बी वीजा प्रोग्राम में बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया और दावा किया कि भारतीय मूल के लोग शहर पर 'कब्जा कर रहे हैं।' यह घटनाक्रम भारत में उन लोगों के लिए एक सबक है जो कुछ लोगों को घुसपैठिया कहकर उन्हें बाहर भगाने की बातें कह रहे हैं। खासकर भारत में जिम्मेदार पदों पर बैठे लोग इस तरह का दुष्प्रचार कर रहे हैं।

एक वक्ता डिलन लॉ ने कहा, "फ्रिस्को बहुत तेजी से बदल रहा है... हमारी चिंताओं को नस्लवाद कहकर खारिज किया जा रहा है।" वहीं मार्क पलासियानो ने चेतावनी दी, "यह संयोग नहीं है कि फ्रिस्को में भारतीय आबादी में विस्फोट हुआ है और यहां वीजा फ्रॉड हो रहा है। जल्द ही पूरी सिटी काउंसिल भारतीय हो सकती है।" उन्होंने एच-1बी वीजा को अमेरिकी नौकरियों छीनने और आबादी में बदलाव का कारण बताया।

हालांकि, यूएससीआईएस डेटा के अनुसार, सभी एच-1बी वीजा में से 75% भारतीय प्रोफेशनल को जारी किए जाते हैं। फ्रिस्को में भारतीय और अन्य एशियाई मूल की आबादी 2010 में 10% से बढ़कर अब 33% हो गई है।

भारतीय-अमेरिकी निवासियों ने इन आरोपों का कड़ा विरोध किया। यूएस आर्मी के पूर्व सैनिक शांतन तूड़ी ने कहा कि एच-1बी फ्रॉड करने वालों को दंडित किया जाना चाहिए, लेकिन पूरे समुदाय को दोषी ठहराना गलत है। "जब पूरी जातीय समुदाय को समस्या बताया जाता है, तो हम नीति पर चर्चा नहीं कर पाते, बल्कि सामूहिक दोषारोपण शुरू हो जाता है।"

एक अन्य निवासी मुनी जनगराजन ने कहा, "हम घर खरीदते हैं तो सिर्फ रियल एस्टेट नहीं, बल्कि शहर के विश्व स्तरीय पार्कों और फ्रिस्को आईएसडी (टेक्सास के शीर्ष स्कूल जिलों में से एक) को फंड देते हैं, जो हर बच्चे को फायदा पहुंचाता है।" लंबे समय से फ्रिस्को में रहने वाले अमित राधाध्यक्ष ने कहा, "मैं भारतीय हूं, अमेरिकी हूं, फ्रिस्को का नागरिक हूं और कहीं नहीं जा रहा।"



फ्रिस्को के मेयर जेफ चेनी ने दोनों पक्षों के बीच संतुलन बनाते हुए कहा, "फ्रिस्को में हर कोई कहीं न कहीं से आया है। जब आप फ्रिस्को को अपना घर चुनते हैं, तो हमारा मिशन है कि आप यहां अच्छा महसूस करें और सुरक्षित रहें।" उन्होंने होली जैसे सांस्कृतिक उत्सवों का जिक्र करते हुए विविधता पर गर्व जताया।

यह विवाद टेक्सास गवर्नर ग्रेग एबॉट द्वारा राज्य एजेंसियों में एच-1बी हायरिंग पर फ्रीज लगाने के फैसले के बीच आया है। हालांकि फ्रिस्को शहर परिषद का एच-1बी वीजा जारी करने पर कोई नियंत्रण नहीं है, फिर भी आरोप लगाए गए।

यह घटना अमेरिका में इमिग्रेशन, टेक वीजा और आबादी में बदलावों पर बढ़ते तनाव को दर्शाती है, जहां दोनों पक्षों ने अपनी-अपनी बात रखी, लेकिन शहर की मिली जुली संस्कृति पर सवाल उठे।