अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह नाटो से अमेरिका को बाहर निकालने पर बहुत गंभीरता से सोच रहे हैं। उन्होंने ब्रिटेन के अखबार डेली टेलिग्राफ़ को दिए इंटरव्यू में यह बात कही। ट्रंप ने कहा कि नाटो के सहयोगी देशों ने ईरान के ख़िलाफ़ अमेरिका की सैन्य कार्रवाई का साथ नहीं दिया, इसलिए अब वह इस गठबंधन से बाहर आने पर विचार कर रहे हैं।
ट्रंप ने नाटो को 'कागजी शेर' बताया, यानी दिखावा ज्यादा, असल ताकत कुछ नहीं। उन्होंने कहा कि अब अमेरिका को नाटो से अलग करना 'विचार से परे' हो गया है, यानी यह फैसला लगभग पक्का है। ट्रंप ने लंबे समय से NATO की विश्वसनीयता पर शक जताया है।
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ब्रिटेन की नौसेना पर तंज कसते हुए ट्रंप ने कहा, 'इनके पास नौसेना भी नहीं है। ये बहुत पुराने हो गए और इनके एयरक्राफ्ट कैरियर भी काम नहीं कर रहे थे।' जब उनसे पूछा गया कि ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर को रक्षा खर्च बढ़ाना चाहिए या नहीं, तो ट्रंप ने जवाब दिया, 'मैं उन्हें नहीं बताऊंगा कि क्या करना है। वे जो चाहें कर सकते हैं। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। स्टार्मर तो बस महंगे पवन चक्की लगाना चाहते हैं, जो आपकी बिजली की कीमतों को आसमान छूने पर ले जा रहे हैं।'

ईरान युद्ध हमारा नहीं, इसमें नहीं फँसेंगे: स्टार्मर

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने बुधवार को साफ कर दिया कि ब्रिटेन ईरान के युद्ध में नहीं फंसेगा। हालाँकि उन्होंने कहा कि ब्रिटेन होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोलने के तरीकों पर एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित करेगा। स्टार्मर का यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक दिन पहले यूरोपीय नाटो देशों पर जमकर हमला किया था। ट्रंप नाराज थे क्योंकि ये देश ईरान के खिलाफ अमेरिका के युद्ध में साथ देने से मना कर रहे हैं। स्टार्मर ने राष्ट्र के नाम संबोधन में कहा,
मुझ पर या किसी और पर कितना भी दबाव हो, कितना भी शोर-शराबा हो, मैं हर फैसला सिर्फ ब्रिटेन के राष्ट्रीय हित में लूंगा। इसलिए मैंने पूरी तरह साफ कर दिया है कि यह हमारा युद्ध नहीं है और हम इसमें नहीं फंसेंगे।
कीर स्टार्मर
यूके के प्रधानमंत्री

ट्रंप की धमकियों पर स्टार्मर ने क्या कहा?

स्टार्मर का यह भाषण कुछ घंटे बाद आया, जब ट्रंप ने नाटो से अमेरिका के बाहर निकालने की धमकी दी थी। ट्रंप इसलिए गुस्से में थे क्योंकि दो नाटो देश- इटली और स्पेन ने अमेरिकी जेट विमानों को अपने सैन्य अड्डों का इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं दी। ट्रंप ने कई बार ब्रिटेन और स्टार्मर को भी निशाना बनाया है।
मंगलवार को ट्रंप ने ब्रिटेन से साफ कहा था कि अब अमेरिका तुम्हारी मदद करने नहीं आएगा और कहा कि अपना तेल खुद होर्मुज से ले आओ। लेकिन स्टार्मर ने साफ किया कि वे यूरोप और अमेरिका में से किसी एक को चुनने वाले नहीं हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि ब्रिटेन नाटो के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। स्टार्मर ने कहा, 'अमेरिका और यूरोप दोनों के साथ हमारे अच्छे संबंध होना हमारे हित में है... लेकिन सुरक्षा, रक्षा, ऊर्जा और अर्थव्यवस्था के मामले में हमें यूरोप के साथ और मज़बूत संबंध बनाने की ज़रूरत है।'

अमेज़न क्लाउड बिजनेस बहरीन में ईरानी हमले से क्षतिग्रस्त

अमेज़न कंपनी के क्लाउड कंप्यूटिंग बिजनेस को बहरीन में ईरान के हमले से नुकसान पहुँचा है। रायटर्स ने फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के हवाले से बुधवार को यह खबर दी है। रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी हमले में बहरीन स्थित अमेज़न की सुविधा को क्षति हुई। रिपोर्ट के अनुसार बहरीन के आंतरिक मंत्रालय ने बताया कि सिविल डिफेंस की टीमों ने एक कंपनी की इमारत में लगी आग को बुझा दिया। मंत्रालय ने इसे ईरानी हमला बताया, लेकिन कंपनी का नाम या नुकसान की पूरी डिटेल नहीं बताई।
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने एक दिन पहले अमेरिकी कंपनियों जैसे माइक्रोसॉफ्ट, गूगल और एप्पल को मध्य पूर्व में निशाना बनाने की धमकी दी थी। अमेज़न ने इस रिपोर्ट पर अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। पिछले हफ्ते अमेज़न ने कहा था कि उसके अमेज़न वेब सर्विसेज का बहरीन क्षेत्र युद्ध के कारण बाधित हो गया है। यह इस महीने दूसरी बार है जब अमेज़न के क्लाउड ऑपरेशन युद्ध से प्रभावित हुए हैं। अमेज़न वेब सर्विसेज अमेज़न का क्लाउड बिजनेस है, जो दुनिया भर की कई बड़ी वेबसाइटों, ऐप्स और सरकारी कामों के लिए बेहद जरूरी है। यह अमेज़न की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली यूनिट भी है।
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हम 6 माह तक युद्ध लड़ने के लिए तैयार: ईरान

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने अल जजीरा को दिए इंटरव्यू में कहा कि ईरान इस युद्ध को कम से कम छह महीने तक जारी रखने के लिए पूरी तरह तैयार है। डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को संकेत दिया था कि अमेरिका मध्य पूर्व के इस संघर्ष से जल्दी बाहर निकलना चाहता है। अरागची ने साफ़ कहा कि ईरान के पास पर्याप्त सामान और संसाधन हैं। वे जितना समय जरूरी हो, उतना समय खुद को बचाने के लिए तैयार हैं। जब उनसे सीधे पूछा गया कि ईरान इस युद्ध को कितने समय तक चला सकता है तो उन्होंने जवाब दिया- 'कम से कम छह महीने'।

ट्रंप ने पहले कहा था कि वाशिंगटन इस इलाके से अपनी सैन्य भागीदारी 2 से 3 हफ्तों में खत्म कर सकता है, चाहे ईरान के साथ कोई समझौता हो या न हो।
इससे पहले ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने कहा था कि उनका देश इस संघर्ष को खत्म करने की पूरी इच्छाशक्ति रखता है, लेकिन उसके लिए कुछ जरूरी शर्तें पूरी होनी चाहिए। खासकर, दोबारा हमला न हो, इसके लिए ठोस गारंटी चाहिए। उन्होंने यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा से बात करते हुए यह बात कही थी।

ईरान ने अमेरिकी शर्तें मानने से इनकार किया

अरागची ने यह भी साफ किया कि ईरान ने अमेरिका की शर्तें मान ली हैं, ऐसी खबरें गलत हैं। उन्होंने कहा, 'ईरान ने अमेरिका के 15 सूत्रीय प्लान का अभी तक कोई जवाब नहीं दिया है। हमने अमेरिका के सामने अपनी कोई 5 शर्तें भी नहीं रखी हैं। अरागची ने अल जजीरा को बताया, 'हमने इस 15-पॉइंट प्लान को अभी तक कोई जवाब नहीं दिया है। हमारी तरफ से विपक्षी पक्ष के सामने कोई शर्त भी नहीं रखी गई है। उन्होंने कहा कि "हमारे पास कई बातों पर विचार है। युद्ध खत्म करने के लिए हमारी शर्तें बिल्कुल साफ हैं। हम केवल 'सीजफायर' नहीं चाहते। हम पूरे युद्ध का पूरी तरह खत्म होना चाहते हैं - सिर्फ ईरान में नहीं, बल्कि पूरे इलाके में।' हम यह भी चाहते हैं कि भविष्य में ऐसे संघर्ष दोबारा न हों, इसके लिए ठोस गारंटी मिले। साथ ही, ईरानी लोगों को जो नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई भी हो। हमारा रुख पूरी तरह साफ है।"