ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे तनाव के बीच ईरान ने एक नया प्रस्ताव दिया है। ईरान कह रहा है कि अगर अमेरिका अपने नौसैनिक ब्लॉकेड को हटा ले और दो महीने पुराना युद्ध खत्म हो जाए तो वह होर्मुज स्ट्रेट को फिर से पूरी तरह खोल देगा। लेकिन ईरान का कहना है कि उसके न्यूक्लियर कार्यक्रम पर बातचीत बाद में की जाएगी। यह जानकारी एक्सिओस और एसोसिएटेड प्रेस ने सोमवार को दी। पाकिस्तान के माध्यम से यह प्रस्ताव अमेरिका को भेजा गया है। यह रिपोर्ट तब आई है जब ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची रूस के दौरे पर हैं और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाक़ात की है।
फरवरी 2026 में अमेरिका और इसराइल के साथ युद्ध शुरू होने पर ईरान ने दुनिया के तेल का करीब 20% गुजरने वाले होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर दिया। इससे दुनिया भर में तेल की क़ीमतें बहुत बढ़ गईं और पेट्रोल-डीजल महंगा हो गया। अमेरिका ने जवाब में ईरान के बंदरगाहों पर नौसैनिक ब्लॉकेड लगा दिया। अब तक अमेरिका ने 38 से ज्यादा जहाजों को रोका या वापस भेजा है। अभी दोनों देशों के बीच एक सीजफायर चल रहा है, जिसे अमेरिका ने एकतरफा बढ़ाया है। लेकिन दोनों तरफ से एक-दूसरे पर दबाव बनाने की कोशिश जारी है।

ईरान का नया प्रस्ताव क्या है?

  • होर्मुज स्ट्रेट तुरंत खोल दिया जाएगा।
  • युद्ध खत्म हो जाएगा।
  • अमेरिका अपना ब्लॉकेड हटा ले।
  • न्यूक्लियर कार्यक्रम पर बातचीत बाद में अलग से होगी।
ईरान इस प्रस्ताव से न्यूक्लियर मुद्दे को अलग करना चाहता है, क्योंकि अमेरिका का कहना है कि ईरान को कभी भी परमाणु हथियार नहीं बनाने देने चाहिए।

ट्रंप क्या कहते हैं?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ब्लॉकेड तभी हटेगा जब ईरान के साथ '100% पूरा' समझौता हो जाएगा। उन्होंने शनिवार को पाकिस्तान में होने वाली बैठक रद्द कर दी। ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर लिखा, 'बहुत ज्यादा समय यात्रा में बर्बाद होगा। सब कार्ड हमारे पास हैं!' ट्रंप ने बाद में कहा कि ईरान ने एक 'बहुत बेहतर' प्रस्ताव भेजा है, लेकिन उन्होंने डिटेल नहीं बताई। 
इस बीच विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में ईरान के प्रस्ताव पर कुछ और ही कह दिया। उन्होंने कहा, "ईरान के ‘खोलने’ का मतलब यह नहीं है कि कोई भी जहाज आजाद घूमे। उनका मतलब है– हमारी इजाजत लो, हमें पैसे दो, वरना हम हमला कर देंगे। यह अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग है। हम कभी भी यह बर्दाश्त नहीं करेंगे कि ईरान तय करे कि कौन से जहाज गुजरेंगे और कितना पैसा देना होगा।”

इसके साथ रुबियो ने यह भी कहा कि ईरान डील करने के लिए गंभीर है क्योंकि उसकी इकोनॉमी बहुत खराब हालत में है। महंगाई है, वेतन न दे पा रहे हैं, पुराने सैंक्शन हैं और नए संकट भी। लेकिन कोई भी समझौता ईरान को न्यूक्लियर हथियार बनाने से पूरी तरह रोकने के लिए होना चाहिए।

अब तक कैसी रही शांति वार्ता

11 अप्रैल को पाकिस्तान में पहली बैठक हुई, लेकिन कोई समझौता नहीं हुआ। जेरेड कुश्नर, स्टीव विटकॉफ और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस पहले दौर में 21 घंटे तक बातचीत कर चुके हैं। शनिवार को ट्रंप ने कुश्नर और विटकॉफ की दूसरी यात्रा रद्द कर दी। दूसरे दौरे में वेंस को वार्ता वाली टीम में जगह नहीं दी गई थी।

दुनिया पर क्या असर?

होर्मुज स्ट्रेट बंद रहने से तेल की कीमतें बढ़ी हैं। अगर यह जल्दी नहीं खुला तो गैसोलीन, डीजल और दूसरे सामान और महंगे हो सकते हैं। ईरान का कहना है कि वह अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग को पूरी तरह खोलने को तैयार है, लेकिन अमेरिका को भी अपना ब्लॉकेड हटाना होगा। अमेरिका का रुख साफ है कि न्यूक्लियर मुद्दा सबसे अहम है और बिना इसके कोई पूरा समझौता नहीं होगा। अभी दोनों तरफ से बातचीत जारी है, लेकिन कोई तुरंत समाधान दिखाई नहीं दे रहा। पाकिस्तान मध्यस्थता की कोशिश कर रहा है।

'कोई टोल नहीं, कोई सुरक्षा जोखिम नहीं' पर UK का ज़ोर

यूरोप और उत्तरी अमेरिका के लिए UK के राज्य मंत्री स्टीफन डॉटी ने कहा है कि जहाँ एक ओर उनका देश ईरानी बंदरगाहों की US नाकेबंदी के पक्ष में नहीं है, वहीं वह होर्मुज़ स्ट्रेट को फिर से खोलने के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका और अन्य देशों के साथ मिलकर काम करने का समर्थन करता है।

आज सुरक्षा परिषद की बैठक से पहले डॉटी ने एसोसिएटेड प्रेस द्वारा जारी टिप्पणियों में कहा कि 'ईरान बाकी दुनिया को बंधक बना रहा है'। उन्होंने कहा कि समुद्री यातायात को इस स्ट्रेट से सुरक्षित और बिना किसी रुकावट के गुज़रना चाहिए। उन्होंने कहा, "और इसमें कोई टोल नहीं, कोई सुरक्षा जोखिम नहीं और, ज़ाहिर है, नौवहन की आवाजाही पर अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन शामिल है"।