डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान में प्रदर्शनकारियों से प्रोटेस्ट जारी रखने को कहा है और आश्वासन दिया कि मदद आ रही है। आख़िर यह मदद किस तरह की है? क्या ईरान में सत्ता बदलाव का संकेत है?
क्या डोनाल्ड ट्रंप जल्द ही ईरान के ख़िलाफ़ कोई बड़ा क़दम उठाने वाले हैं? यह सवाल इसलिए कि ट्रंप ने ईरानी लोगों को संबोधित करते हुए ऐसा साफ़ संकेत दिया है। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करके प्रदर्शनकारियों को 'ईरानी देशभक्त' कहा और उन्हें प्रदर्शन जारी रखने तथा सरकारी संस्थाओं पर कब्जा करने को कहा। उन्होंने लिखा कि प्रदर्शन जारी रखिए, मदद आ रही है।
दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान में चल रहे बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों के बीच ईरानियों को साफ़ संदेश दिया है। उन्होंने ईरानी लोगों को संबोधित करते हुए कहा है कि हत्यारों और हमलावरों के नाम याद कर लेना, क्योंकि उन्हें इसकी बड़ी क़ीमत चुकानी होगी। ट्रंप ने पोस्ट के अंत में 'MIGA' लिखा। इसका मतलब है 'Make Iran Great Again' यानी ईरान को फिर से महान बनाओ। यह उनका नया नारा है, जो अमेरिका के 'Make America Great Again' से मिलता-जुलता है।
ट्रंप ने रद्द की ईरानी नेताओं के साथ बैठक
इसके साथ ही ट्रंप ने ईरान के नेताओं के साथ संभावित सभी बैठकें रद्द कर दी हैं। उन्होंने कहा कि जब तक प्रदर्शनकारियों की हत्या रुक नहीं जाती, तब तक कोई बातचीत नहीं होगी। ट्रंप ने चेतावनी दी कि प्रदर्शनकारियों को मारने वालों को बड़ी क़ीमत चुकानी पड़ेगी। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से हत्यारों और हमलावरों के नाम नोट करने को कहा।
यह पोस्ट ऐसे समय में आयी है जब ईरान में विरोध प्रदर्शन दो हफ्तों से ज्यादा समय से चल रहे हैं। ये प्रदर्शन आर्थिक संकट, महंगाई और सरकार के खिलाफ शुरू हुए थे, जो अब पूरे देश में फैल चुके हैं। मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, सुरक्षा बलों की कार्रवाई में कम से कम 2000 लोग मारे जा चुके हैं। कुछ रिपोर्टों में आँकड़ा इससे भी ज़्यादा बताया जा रहा है। हजारों लोग गिरफ्तार हुए हैं। ईरान सरकार ने इंटरनेट बंद कर दिया था, लेकिन अब कुछ लोग बाहर दुनिया से संपर्क कर पा रहे हैं।ट्रंप ने पहले कहा था कि ईरान के नेता उनसे बात करने के लिए संपर्क कर रहे हैं और मीटिंग सेट हो रही है। लेकिन फिर उन्होंने कहा कि 'हम मीटिंग से पहले भी कार्रवाई कर सकते हैं'।
ट्रंप ने अमेरिकी सेना को बेहद मजबूत विकल्प देखने को कहा है। वे हर घंटे अपडेट ले रहे हैं और जल्द फैसला होने वाला है। ट्रंप ने पहले कहा था कि अमेरिका सैन्य कार्रवाई के लिए तैयार है।
ईरान से व्यापार करने वालों पर 25% टैरिफ़
सोमवार शाम को ट्रंप ने एक बड़ा कदम उठाया। उन्होंने घोषणा की कि जो भी देश ईरान के साथ व्यापार करेगा, उसे अमेरिका के साथ अपने व्यापार पर 25% अतिरिक्त टैरिफ देना होगा। यह तुरंत प्रभाव से लागू हो गया है। ईरान तेल का बड़ा निर्यातक है और उसके मुख्य व्यापारिक साझेदार चीन, भारत, तुर्की, इराक और संयुक्त अरब अमीरात हैं। चीन ने इस टैरिफ की कड़ी निंदा की है। ईरान पहले से ही भारी प्रतिबंधों का सामना कर रहा है और यह नया कदम उसकी अर्थव्यवस्था पर और दबाव डालेगा।ईरान भी तैयार?
ईरान सरकार ने ट्रंप के इन बयानों पर अभी सार्वजनिक रूप से कोई बड़ा जवाब नहीं दिया है, लेकिन तेहरान ने कहा है कि वह किसी भी अमेरिकी कार्रवाई के लिए तैयार है। ईरान के एक अधिकारी ने रॉयटर्स को बताया कि हिंसा में क़रीब 2000 लोग मारे गए हैं, जिसमें सुरक्षा कर्मी भी शामिल हैं।
ट्रंप के बयान का मतलब क्या?
कहा जा रहा है कि ट्रंप का यह संदेश ईरान में रेजीम चेंज की तरफ इशारा करता है। जर्मनी के चांसलर ने कहा कि ईरान का शासन अब 'अंतिम दिनों और हफ्तों' में है। प्रदर्शन पूरे ईरान के 31 प्रांतों में फैले हैं, और लोग सड़कों पर उतरकर सरकार के खिलाफ नारे लगा रहे हैं।यह स्थिति मध्य पूर्व में तनाव बढ़ा रही है। अमेरिका सैन्य हस्तक्षेप की संभावना तलाश रहा है और ट्रंप ने कहा है कि वे प्रदर्शनकारियों की मदद के लिए तैयार हैं। ईरान में इंटरनेट ब्लैकआउट के कारण सही जानकारी मिलना मुश्किल है, लेकिन मौतों का आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है। दुनिया की नजर अब ट्रंप के अगले कदम पर टिकी है।