ईरान ने अमेरिका के युद्धविराम प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। वहीं मुजतबा खामेनेई ने ट्रंप की हत्याओं और धमकियों के खिलाफ कड़ी चेतावनी जारी की है। मुजतबा ने कहा कि हत्याओं से ईरान को डराया नहीं जा सकता। ट्रंप ने मंगलवार की समय सीमा तय की है।
मुजतबा खामेनेई और डोनाल्ड ट्रंप
ईरान ने अमेरिका के युद्धविराम प्रस्ताव को खारिज करने के कुछ ही घंटों बाद देश के सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई ने वॉशिंगटन और उसके सहयोगियों पर तीखा हमला बोला। बढ़ते तनाव के बीच उन्होंने साफ कहा कि धमकियां, सैन्य हमले और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कमांडरों की टारगेट हत्याएं ईरान की सैन्य ताकत को कमजोर नहीं कर पाएंगी।
खामेनेई का यह बयान ऐसे समय में आया जब इसराइल ने दावा किया कि उसने ईरान के अर्धसैनिक बल रिवोल्यूशनरी गार्ड के खुफिया प्रमुख मेजर जनरल माजिद खदे़मी को मार गिराया है। इसराइली रक्षा मंत्री के मुताबिक, कुद्स फोर्स की अंडरकवर यूनिट के प्रमुख असगर बाकरी भी हमले में मारे गए हैं।
टेलीग्राम पर जारी बयान में खामेनेई ने अमेरिका की उस धमकी की भी आलोचना की, जिसमें ईरान को “पाषाण युग” में धकेलने की बात कही गई थी। उन्होंने इसे गैर-जिम्मेदाराना रवैया बताते हुए कहा कि अमेरिका और इसराइल नागरिक ढांचे को निशाना बना रहे हैं, जिनमें पुल, बिजली संयंत्र और स्कूल शामिल हैं। उन्होंने इन हमलों को “मानवता के खिलाफ अपराध” करार दिया।
खामेनेई ने कहा, “यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि हर दिन युद्ध, धमकियों और विनाश की भाषा और तेज होती जा रही है, जबकि अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं खामोश, उदासीन और शायद इस आक्रामकता में सहभागी बनी हुई हैं।”
ट्रंप ने मंगलवार को अंतिम समयसीमा बताया
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के लिए अपनी चेतावनी को और सख्त करते हुए कहा है कि समझौते के लिए मंगलवार की समयसीमा अंतिम है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ईरान इस समयसीमा तक सहमत नहीं होता, तो उसे भारी सैन्य कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका के पास कम समय में बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाने की क्षमता है और कार्रवाई मंगलवार शाम तक भी शुरू हो सकती है। उन्होंने कहा कि ईरान को कई मौके दिए गए, लेकिन उसने समझौते की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया। ट्रंप ने यह भी दोहराया कि होरमुज़ जलडमरूमध्य को फिर से खोलना अमेरिका की प्रमुख मांगों में शामिल है, जो इस संघर्ष का अहम केंद्र बना हुआ है।
ईरान ने युद्धविराम ठुकराया, दीर्घकालिक समझौते की मांग
ईरान ने अमेरिकी युद्धविराम प्रस्ताव को खारिज करते हुए व्यापक और स्थायी समाधान की मांग की है। सरकारी मीडिया के अनुसार, तेहरान ने पाकिस्तान के माध्यम से अपनी प्रतिक्रिया भेजी है और स्पष्ट किया है कि वह अस्थायी युद्धविराम में रुचि नहीं रखता।ईरान की ओर से प्रस्तावित 10-सूत्रीय ढांचे में क्षेत्र में युद्ध का स्थायी अंत, होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर ईरान के नियंत्रण की मान्यता और प्रतिबंधों को हटाने जैसी मांगें शामिल हैं।
इस बीच, IRGC ने अपने खुफिया प्रमुख माजिद खदे़मी की हत्या का बदला लेने की कसम खाई है। एक बयान में कहा गया, “दुश्मन को यह जान लेना चाहिए कि ‘क्रशिंग रिवेंज’ अभियान के तहत इस अपराध के योजनाकारों और अंजाम देने वालों के खिलाफ कड़ा जवाबी हमला किया जाएगा।”