ईरान युद्ध अपने चरम पर जा पहुंचा है। यूएस राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा था कि अगर मंगलवार तक डील नहीं हुई तो ईरान को एक दिन में खत्म कर दिया जाएगा। ईरान ने अभी तक यूएस की सारी धमकियों और प्रस्तावों को खारिज किया है।
मुजतबा खामेनेई और ट्रंप (दाएं)
ट्रंप की डेडलाइन नज़दीक आती जा रही है। इसराइल ईरान में जगह-जगह हमले शुरू कर चुका है। कहीं से भी इस युद्ध को रुकने के आसार नज़र नहीं आ रहे हैं। अमेरिका-इसराइल गठबंधन ईरान के खिलाफ शुरू किए गए व्यापक आक्रमण को एक महीने से अधिक समय बीत चुका है। इस टकराव के नतीजों ने क्षेत्रीय और वैश्विक दोनों व्यवस्थाओं में कई तरह के बदलाव ला दिए हैं। परिणामस्वरूप, युद्ध-पूर्व स्थिति में वापसी की संभावना अब कम ही दिखाई देती है। दोनों तरफ से हमले शुरू हो चुके हैं। ऐसे में यह कहना कि यह युद्ध रुकने जा रहा है, गलत होगा।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने ट्वीट किया है। उनके ट्वीट का आशय है कि ईरानी जनता इस युद्ध में कुर्बानी देने को तैयार है। उन्होंने फारसी में लिखा है- अब तक 14 मिलियन (एक करोड़ 40 लाख) से अधिक ईरानियों ने ईरान की रक्षा में अपने प्राणों का बलिदान देने की तत्परता जताई है। मैं भी ईरान के लिए बलिदान दे चुका हूँ, दे रहा हूँ और देता रहूँगा।
ईरान युद्ध में ऑपरेशनल गतिशीलता किसी भी देश की कम नहीं हो रही है। इसराइल ने मंगलवार को ईरान पर नए सिरे से हमले करके काफी तबाही की है। इसराइल यूएस का सहयोगी देश है। इसराइली हमला और ईरान से उसका जवाब यह बताने के लिए काफी है कि यह युद्ध अचानक नहीं रुकने जा रहा है। 130 फीट से अधिक पंखों वाला एक फ्लाइंग-विंग विमान ग्रीस के लारिसा एयर बेस पर आपातकालीन लैंडिंग करने में सफल रहा। स्थानीय मीडिया ने इसकी तस्वीरें लीं। ग्रीस के विमानन प्रेमियों ने शुरू में इसे बी-2 स्पिरिट समझा। लेकिन यह बी-2 नहीं था। द वॉर ज़ोन, SOFREP और मिलिट्री वॉच मैगज़ीन ने इसकी पहचान RQ-180 के रूप में की, जिसे "व्हाइट बैट" नाम दिया गया था, जो अमेरिकी बेड़े में सबसे गुप्त मानवरहित निगरानी विमान है। ईरान युद्ध में इसे उतारने की योजना है। यह तैयारी क्या है। यह तैयारी बता रही है कि अमेरिका अब ईरान को वाकई खत्म करने पर आमादा है।
पिछले 12 घंटों ने इस युद्ध में सब कुछ बदल दिया है। घटनाओं पर नज़र डालिए, स्थिति आपको समझ आ जाएगी।
- ईरान के मध्य शहर काशान में एक रेल पुल पर अमेरिकी-इसराइली हमले में दो लोग मारे गए। यह जानकारी मंगलवार को एक क्षेत्रीय अधिकारी ने सरकारी मीडिया को दी।
- ईरानी सेना रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने मंगलवार को चेतावनी दी कि अगर अमेरिका ने "रेड लाइन" पार की तो वे मध्य पूर्व से परे जवाबी कार्रवाई करेंगे और वाशिंगटन और उसके सहयोगियों को तेल और गैस से वंचित कर देंगे, यह बयान राज्य टेलीविजन पर प्रसारित किया गया।
- खार्ग द्वीप पर इसराइल ने ताबड़तोड़ हमले किए हैं।
- इस्तांबुल में इजरायली वाणिज्य दूतावास के बाहर गोलीबारी करने वाले दो बंदूकधारी मारे गए। तुर्की के सरकारी टेलीविजन ने बताया कि दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं।
- ईरान ने सऊदी अरब के जुबैल औद्योगिक शहर पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया, जो दुनिया की चौथी सबसे बड़ी पेट्रोकेमिकल कंपनी एसएबीआईसी का मुख्यालय है। भीषण आग लगी। सऊदी अरब के पेट्रोकेमिकल उत्पादन में एसएबीआईसी की हिस्सेदारी आधे से अधिक है।
- ट्रंप ने मंगलवार रात 8 बजे को अपनी अंतिम समय सीमा घोषित कर दिया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा: "आधी रात तक ईरान के हर पुल को ध्वस्त कर दिया जाएगा... हर बिजली संयंत्र बंद हो जाएगा, जल जाएगा, फट जाएगा और फिर कभी इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा।"
- ईरान ने 45 दिन के युद्धविराम को अस्वीकार कर दिया। उसने अपने 6 प्वाइंट का प्रस्ताव दिया है।
- काहिरा स्थित तेहरान के राजनयिक मिशन ने कहा: "हम युद्ध की समाप्ति तभी स्वीकार करेंगे जब हमें यह गारंटी दी जाए कि हम पर दोबारा हमला नहीं किया जाएगा।"
- ईरान के संसद सलाहकार ने सार्वजनिक रूप से कहा कि जुबैल हमले का निशाना "ट्रंप परिवार में बिन सलमान के वित्तीय साझेदार" थे और उन्होंने नुकसान को "अकल्पनीय" बताया।
- आईएईए ने पुष्टि की है कि हमले ईरान के बुशहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र से 75 मीटर के दायरे में हुए। महानिदेशक ग्रॉसी ने "गंभीर विकिरण दुर्घटना" की चेतावनी दी है।
- तेल की कीमतें बढ़कर 115 डॉलर प्रति बैरल हो गईं। अमेरिकी गैस की कीमत 4.12 डॉलर प्रति गैलन हो गई है । 28 फरवरी से इसमें 38% की वृद्धि हुई है।
- इसराइल ने अलग से असलूयेह पर हमला किया और दावा किया कि उसने ईरान की 85% पेट्रोकेमिकल निर्यात क्षमता को नष्ट कर दिया है।
- ईरान भर में रात भर चले हमलों में 10 वर्ष से कम आयु के सात बच्चे मारे गए। सबसे छोटा बच्चा 12 महीने से भी कम उम्र का था।
पिछले 12 घंटों में स्थिति नाटकीय रूप से बदल गई है। दोनों पक्ष खुले तौर पर तनाव बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। तनाव कम होने के कोई संकेत नहीं हैं।
ईरान के हालिया बयानों में एक बार भी ऐसा कुछ भी नहीं आया जो यह संकेत दे कि वह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की इच्छा के आगे झुकने वाला है। ट्रंप की मंगलवार रात 8 बजे (ईस्टर्न टाइम के अनुसार बुधवार सुबह 3:30 बजे) दी गई समय सीमा नजदीक आ रही है, लेकिन तेहरान के शासक, चाहे वे कोई भी हों, दीर्घकालिक लाभ के लिए कष्ट सहने की मानसिकता में माहिर हैं।
28 फरवरी को इस युद्ध की शुरुआत से पहले ही, ईरान ने यह अनुमान लगाया था कि वह वाशिंगटन के साथ एक संक्षिप्त युद्ध को तब तक झेल सकता है जब तक कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य पर कब्जा करके और ट्रम्प को बातचीत की मेज पर मजबूर करके संघर्ष समाप्ति की शर्तें निर्धारित कर ले। फिलहाल ईरान का ही होर्मुज पर कब्जा है। उसने अपनी जो छह शर्तें रखी हैं, उनमें होर्मुज को लेकर जो नियम तय किया गया है, उसके मुताबिक होर्मुज का मालिकाना हक उसे सौंपा जाए। यहां से गुज़रने वाले दहाज़ों के लिए फीस तय की जाए।
ईरान अब लाल सागर का रास्ता बंद करने की योजना पर भी काम कर रहा है। अगर लाल सागर बंद हुआ तो तमाम एशियाई देशों की आर्थित स्थिति और भी बदतर हो जाएगी। तेहरान ने शायद हाल के संघर्षों को देखते हुए अपनी रणनीति बनाई है। चाहे वह 1999 में कोसोवो में नाटो का हमला हो, जहाँ महीनों तक चले रणनीतिक हमलों के बावजूद सर्बियाई सैनिकों की गतिविधियों को रोकने में सफलता नहीं मिली। इसी तरह 1991 और 2003 का इराक युद्ध हो, या 2006 में लेबनान में इसराइल के हवाई हमले हों। जिसमें सीरिया जाने वाला मुख्य पुल उड़ा दिया गया था। ये सभी संघर्ष ज़्यादा से ज़्यादा एक मामूली परेशानी हैं, इससे रातोंरात स्थिति नहीं बदलती। युद्ध रोकने में ऐसी घटनाएं सहायक नहीं बनतीं, बल्कि वो दूसरे पक्ष को भी ऐसे हमले जारी रखने को छूट देती हैं। ईरान में अमेरिका ने एक पुल गिराया। ईरान ने मिडिल ईस्ट के 8 पुलों की सूची जारी कर दी। इसी वजह से सऊदी अरब से बहरीन को जोड़ने वाला पुल आज बंद कर दिया गया।