ईरान युद्ध पर ताज़ा अपडेट

  • रूस और चीन ने मंगलवार को हॉर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में एक प्रस्ताव को वीटो यानी रोक दिया।
  • तेहरान में भारतीय दूतावास ने मंगलवार को ईरान में रह रहे भारतीय नागरिकों को सलाह दी है कि अगले 48 घंटे तक घर के अंदर ही रहें।
  • अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने आज रात (अमेरिका में मंगलवार) एक सभ्यता के खत्म होने की धमकी दी है। 
  • ईरान ने कहा है कि अगर रेडलाइन पार हुई तो हमले खाड़ी देशों के बाहर भी होंगे।
  • ईरान के राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने ट्वीट में कहा कि ईरान में 1 करोड़ 40 लाख लोग जान देने को तैयार हैं।
  • इसराइल ने ईरान में कई रेलवे स्टेशनों, पुल, शहरों को निशाना बनाया है। कई शहरों में लोग मारे गए हैं।
  • ईरान की राजधानी तेहरान में कई धमाकों की खबर है, जहां रात भर हुए हमलों में देश भर में कम से कम 15 लोग मारे गए।
  • इसराइली सेना ने शिराज में एक ईरानी पेट्रोकेमिकल परिसर पर हमला करने का दावा किया, जबकि आईआरजीसी ने इसके तुरंत बाद सऊदी अरब में काम कर रही अमेरिकी कंपनियों पर जवाबी हमले किए।
  • इसराइली सेना ने एक बयान जारी कर ईरानियों को स्थानीय समयानुसार रात 9 बजे (17:30 जीएमटी) तक अपनी "सुरक्षा" के लिए ट्रेनों का इस्तेमाल न करने की चेतावनी दी।
  • इसराइली मीडिया ने ईरान द्वारा दागे गए कई मिसाइलों के बाद मध्य इजरायल में क्षति की सूचना दी, जो रोश हायिन और रामत हाशरॉन सहित कई इलाकों में गिरे।
  • पाकिस्तान में ईरान के राजदूत ने कहा कि युद्ध को समाप्त करने के लिए राजनयिक प्रयास एक "नाजुक" चरण में पहुंच गए हैं, हालांकि उन्होंने अधिक जानकारी नहीं दी।
  • किंग फहद कॉजवे, जो सऊदी अरब और बहरीन को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण पुल है, दोनों देशों पर ईरान के हमलों के मद्देनजर अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया गया है।
  • अमेरिकी सांसदों ने ट्रंप प्रशासन के सदस्यों से अमेरिकी संविधान के 25वें संशोधन का हवाला देते हुए उन्हें पद से हटाने का आग्रह किया, जो राष्ट्रपति के सेवा करने में असमर्थ होने की स्थिति में सत्ता के ट्रांसफर का प्रावधान करता है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की डेडलाइन खत्म होने से पहले ही ईरान पर इसराइल के जबरदस्त हमले शुरू हो चुके हैं। कई रेलवे स्टेशनों को तबाह कर दिया गया है। ट्रंप ने अपने एक ट्वीट में कहा कि पूरी ईरानी सभ्यता को मिटा दिया जाएगा। ईरानी सेना आईआरजीसी ने कहा है कि अगर अमेरिका ने रेडलाइन पार किया तो हमले मिडिल ईस्ट क्षेत्र से परे भी होंगे। यानी खाड़ी देशों से बाहर भी हमले हो सकते हैं। अभी तुर्की से खबर आई है कि वहां इसराइली वाणिज्य दूतावास के पास हमला हुआ है। जिसमें दो लोगों के मरने की खबर आ रही है।

रूस और चीन ने बहरीन के प्रस्ताव को वीटो कर दिया

रूस और चीन ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में एक प्रस्ताव को वीटो यानी रोक दिया। यह प्रस्ताव हॉर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने के लिए था। इस प्रस्ताव को कई बार कमजोर किया गया था, ताकि रूस और चीन वोट न दें और चुप रहें। लेकिन फिर भी उन्होंने इसे रोक दिया। वोटिंग का नतीजा 11-2 रहा। पाकिस्तान और कोलंबिया ने वोट नहीं दिया।

बहरीन का तीखा बयान

बहरीन के विदेश मंत्री अब्दुल्लतीफ बिन राशिद अल ज़यानी ने वोट के बाद कहा कि इस प्रस्ताव को पास न होने से एक खतरनाक संदेश गया है कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर खतरा हो तो दुनिया कुछ नहीं कर पाती। उन्होंने पहले यह भी पूछा था कि क्या पूरी दुनिया आर्थिक ब्लैकमेल का गुलाम बनकर रहेगी? ईरान इस जलडमरूमध्य को बंद करके दुनिया के व्यापार और खाने-पीने की चीजों पर खतरा डाल रहा है।

ईरान में भारतीय दूतावास की सलाह- अगले 48 घंटे घर के अंदर रहें

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 'पूरी सभ्यता मर जाएगी' वाली धमकी के बाद तेहरान में भारतीय दूतावास ने मंगलवार को ईरान में रह रहे भारतीय नागरिकों को सलाह दी है कि अगले 48 घंटे तक घर के अंदर ही रहें। दूतावास की एडवाइजरी में कहा गया है,
'ईरान में अभी भी जो भारतीय नागरिक हैं, उन्हें अगले 48 घंटे तक वहीं रहना चाहिए जहाँ वे हैं। बिजली के प्लांट, सैन्य ठिकानों और किसी भी सैन्य जगह से दूर रहें।' दूतावास ने आगे कहा कि जो लोग दूतावास द्वारा बुक किए गए होटलों में ठहरे हैं, वे भी घर के अंदर ही रहें और वहाँ मौजूद दूतावास की टीम से लगातार संपर्क बनाए रखें।

धमकी के साथ ट्रंप की सुबह, कहा- आज रात एक पूरी सभ्यता का अंत

अमेरिका में मंगलवार की सुबह हो चुकी है और ट्रंप की नई धमकी भी सामने आ गई। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर एक पोस्ट में लिखा, "आज रात एक पूरी सभ्यता का अंत हो जाएगा, जिसे फिर कभी जीवित नहीं किया जा सकेगा।" उन्होंने आगे कहा, "मैं ऐसा नहीं चाहता, लेकिन शायद ऐसा ही होगा। हालांकि, अब जब हमारे यहां पूर्णतः सत्ता परिवर्तन हो चुका है, जहां अलग, अधिक बुद्धिमान और कम कट्टरपंथी सोच वाले लोग सत्ता में हैं, तो शायद कुछ क्रांतिकारी और अद्भुत हो सकता है।" उन्होंने कहा, "कौन जानता है? हमें आज रात पता चल जाएगा, जो विश्व के लंबे और जटिल इतिहास के सबसे महत्वपूर्ण क्षणों में से एक है। 47 वर्षों की जबरन वसूली, भ्रष्टाचार और मौत का अंत होगा। ईरान के महान लोगों पर ईश्वर की कृपा हो!"

ईरान ने बिजली प्लांटों के चारों तरफ युवकों से मानव श्रृंखला बनाने को कहा 

ईरान ने ट्रंप के संभावित हमलों से पहले युवाओं से बिजली प्लांट के चारों ओर मानव श्रृंखला बनाने का आह्वान किया। मंगलवार तड़के एक ईरानी अधिकारी यह वीडियो संदेश जारी किया। ईरानी युवा और किशोर सर्वोच्च परिषद के सचिव अली रज़ा रहीमी का ईरान के सभी टीवी चैनलों पर यह वीडियो संदेश प्रसारित हुआ। उन्होंने कहा, "मैं सभी युवाओं, खिलाड़ियों, कलाकारों, छात्रों, विश्वविद्यालय के छात्रों और उनके प्रोफेसरों को आमंत्रित करता हूं। मंगलवार को दोपहर 2 बजे उन बिजली प्लांट के चारों ओर इकट्ठा हों जो हमारी राष्ट्रीय संपत्ति और पूंजी हैं, चाहे आपका कोई भी राजनीतिक नज़रिया हो, यह ईरान के भविष्य और ईरानी युवाओं से संबंधित हैं।"
ईरान ने पश्चिम के साथ तनाव बढ़ने के समय अतीत में अपने परमाणु स्थलों के चारों ओर मानव श्रृंखला प्रदर्शन किए हैं, जिन्हें मानव ढाल के रूप में भी जाना जाता है। इराकी तानाशाह सद्दाम हुसैन ने 1991 के खाड़ी युद्ध के दौरान इसी तरह के मानव ढाल प्रदर्शन किए थे। उन्होंने युद्ध के दौरान अपनी सुरक्षा सेवाओं द्वारा हिरासत में लिए गए विदेशी नागरिकों को भी इसमें शामिल किया था।

ईरानी संगीतकार ग़मसारी पावर प्लांट पर पहुंचे

ईरानी संगीतकार अली ग़मसारी, जो एक संगीतकार और तार वादक हैं, ने घोषणा की है कि मंगलवार से वह कुछ समय के लिए दमावंद बिजली प्लांट में अपने वाद्य यंत्र के साथ रहेंगे। इस बिजली प्लांट से तेहरान की आधी बिजली आपूर्ति होती है। ग़मसारी ईरान के बुनियादी ढांचे पर हमलों को रोकने में मदद करने के लिए संगीत की रचना करेंगे। ईरान के अन्य कलाकार भी धीरे-धीरे तमाम बिजली प्लांटों के आसपास जमा होना शुरू हो गए हैं। इससे ईरान के बाकी युवक भी आकर्षित हो रहे हैं। ग़मसारी मौजूदा दौर में ईरानी युवकों के पसंदीदा म्यूजिशियन हैं।
ताज़ा ख़बरें

इस्तांबुल में इसराइली वाणिज्य दूतावास के पास हमला, कई घायल

सीएनएन के अनुसार, इस्तांबुल में इसराइली वाणिज्य दूतावास के बाहर हुई गोलीबारी में कई लोग हताहत हुए हैं। पुलिस ने बताया कि इस घटना में तीन लोग मारे गए और दो पुलिस अधिकारी घायल हुए। इस्तांबुल के एक व्यस्त व्यावसायिक इलाके में घटनास्थल से मिले वीडियो में पुलिस को लगातार गोलीबारी के बीच एक बस के पीछे दुबके हुए दिखाया गया है। माना जा रहा है कि वाणिज्य दूतावास में कोई इसराइली राजनयिक कर्मचारी मौजूद नहीं था।

इसराइल ने ईरान की जनता को चेतावनी जारी की

इसराइली डिफेंस फोर्सेज (आईडीएफ) ने ईरान की जनता को चेतावनी जारी की है। आईडीएफ ने कहा- आज (मगलवार) सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करना आपकी जान को खतरे में डाल सकता है। क्योंकि बढ़ते संघर्ष में नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाए जाने की आशंकाएं बढ़ रही हैं। आईडीएफ ने X पर पोस्ट किया, "ईरान में ट्रेन यात्रियों के लिए तत्काल चेतावनी। प्रिय नागरिकों, आपकी सुरक्षा के लिए, हम आपसे विनम्र अनुरोध करते हैं कि इस समय से लेकर ईरान के समयानुसार रात 9 बजे तक, पूरे ईरान में ट्रेन का उपयोग करने और यात्रा करने से बचें। ट्रेनों में और रेलवे लाइनों के पास आपकी उपस्थिति आपकी जान को खतरे में डाल सकती है।"

सऊदी अरब को बहरीन से जोड़ने वाला प्रमुख पुल बंद

ईरानी हमलों के खतरे के चलते मंगलवार को सऊदी अरब और बहरीन द्वीप राज्य को जोड़ने वाला प्रमुख पुल, किंग फहद कॉज़वे बंद कर दिया गया। किंग फहद कॉज़वे प्राधिकरण ने X पर एक पोस्ट के माध्यम से इसकी घोषणा की। इसमें कहा गया है कि सऊदी अरब के पूर्वी प्रांत को निशाना बनाकर किए जा रहे ईरानी हमलों के मद्देनजर एहतियाती उपाय के तौर पर वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है। 25 किलोमीटर (15.5 मील) लंबा यह पुल बहरीन को, जहां अमेरिकी नौसेना का पांचवां बेड़ा स्थित है, अरब प्रायद्वीप से जोड़ने वाला एकमात्र सड़क मार्ग है।

ईरान ने सऊदी अरब के जुबैल में पेट्रोकेमिकल फैक्ट्री को निशाना बनाया

सऊदी अरब पर रात भर हुए हमलों में पूर्वी शहर जुबैल के एक विशाल औद्योगिक क्षेत्र में स्थित एक पेट्रोकेमिकल परिसर को निशाना बनाया गया। एक प्रत्यक्षदर्शी ने मंगलवार को एएफपी को बताया कि यह हमला ईरान में इसी तरह के संयंत्रों पर हमले के कुछ घंटों बाद हुआ। सूत्र ने एएफपी को बताया, "एक हमले के कारण जुबैल स्थित एसएबीआईसी संयंत्र में आग लग गई। विस्फोटों की आवाजें बहुत तेज थीं।" एसएबीआईसी सऊदी बेसिक इंडस्ट्रीज कॉर्पोरेशन है। पूर्वी सऊदी अरब का जुबैल शहर दुनिया के सबसे बड़े औद्योगिक शहरों में से एक है, जहां इस्पात, गैसोलीन, पेट्रोकेमिकल्स, लुब्रिकेटिंग ऑयल और रासायनिक उर्वरकों का उत्पादन होता है।

आज सबसे अधिक हमले होंगेः हेगसेथ

अमेरिकी युद्ध सचिव पीट हेगसेथ ने चेतावनी दी है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के निर्देशों के अनुसार, ऑपरेशन फ्यूरी की शुरुआत के बाद से ईरान पर "सबसे अधिक हमले" किए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अगर ईरान युद्ध समाप्त करने के समझौते को स्वीकार नहीं करता है, तो आज के हमले कहीं अधिक होंगे। व्हाइट हाउस में पत्रकारों को संबोधित करते हुए, हेगसेथ ने ईरान को "सोच-समझकर निर्णय लेने" की सलाह दी और कहा कि राष्ट्रपति ट्रम्प "कोई ढिलाई नहीं बरतते"। उन्होंने कहा, "राष्ट्रपति के निर्देशानुसार, आज इस ऑपरेशन के पहले दिन के बाद से सबसे अधिक हमले होंगे। कल तो आज से भी अधिक हमले होंगे। और फिर ईरान के पास एक विकल्प है। सोच-समझकर निर्णय लें, क्योंकि यह राष्ट्रपति कोई ढिलाई नहीं बरतते।"

ट्रंप के आदेश हमारी सेना और अमेरिकी जनता के लिए कलंकः सांसद मार्क केली

ईरान के खिलाफ ट्रंप द्वारा प्रस्तावित सैन्य कार्रवाई का विरोध करने वाले अमेरिकी सांसदों की सूची लगातार बढ़ रही है। एक अन्य डेमोक्रेटिक सांसद ने कहा कि राष्ट्रपति द्वारा ईरान के बिजली संयंत्रों, पुलों और अन्य गैर-सैन्य स्थलों पर हमले की धमकी देना अमेरिकी सेना और देश के लिए एक कलंक होगा। एरिज़ोना के डेमोक्रेटिक सीनेटर मार्क केली ने कहा, "बिजली संयंत्रों और अन्य गैर-सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की धमकी देना ताकत नहीं है।" पूर्व नासा अंतरिक्ष यात्री और सम्मानित नौसेना पायलट केली ने कहा, "अगर ये शब्द बिना किसी वैध सैन्य उद्देश्य के नागरिक बुनियादी ढांचे को नष्ट करने के आदेश बन जाते हैं, तो यह समझना मुश्किल है कि वे सशस्त्र संघर्ष के कानूनों का उल्लंघन कैसे नहीं करेंगे।" उन्होंने कहा, "अमेरिका ताकत, अनुशासन और व्यावसायिकता के साथ सबसे अच्छा नेतृत्व करता है। नागरिकों को नुकसान पहुंचाने के अवैध आदेश हमारी सेना और हमारे देश के लिए एक कलंक होंगे।"

बहरीन ने जनता से सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा

बहरीन ने लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने का आग्रह किया है, क्योंकि गोलीबारी की नई खबरों के बाद सायरन बजने लगे हैं। बहरीन के आंतरिक मंत्रालय ने X पर एक संदेश जारी कर कहा, "निवासियों से अनुरोध है कि वे शांत रहें और निकटतम सुरक्षित स्थान पर जाएं।"  अमेरिका के करीबी सहयोगी बहरीन पर फरवरी में युद्ध शुरू होने के बाद से ईरान द्वारा मिसाइल और ड्रोन हमले किए जा रहे हैं।

जापान की प्रधानमंत्री ईरानी राष्ट्रपति से फोन पर बात करना चाहती हैं

जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन के बीच फोन पर बातचीत की व्यवस्था की जा रही है। 
ताकाइची ने संसद को बताया, “मुझे याद है कि मैंने कहा था कि हम ईरानी राष्ट्रपति से फोन पर बातचीत की व्यवस्था कर रहे हैं।” उन्होंने कहा, “हमें अमेरिका और ईरान दोनों से संवाद करना है, इसलिए हम दोनों देशों के राष्ट्रपतियों से फोन पर बातचीत करने की कोशिश कर रहे हैं।” ताकाइची ने यह घोषणा तब की जब यह खबर सामने आई कि जनवरी से ईरान में हिरासत में लिए गए दूसरे जापानी नागरिक को रिहा कर दिया गया है। विदेश मंत्रालय ने बताया कि सोमवार देर रात जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोटेगी ने ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची से फोन पर बात की और टोक्यो के इस रुख को दोहराया कि “स्थिति को जल्द से जल्द शांत करना अत्यंत महत्वपूर्ण है।”

न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री ने कहा- ट्रंप की धमकियां मददगार नहीं

न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरानी नागरिक ढांचों के खिलाफ हालिया धमकियों को "अनुपयोगी" बताया है। रेडियो न्यूजीलैंड को दिए इंटरव्यू में लक्सन ने कहा, "अनुपयोगी इसलिए क्योंकि और सैन्य कार्रवाई की कोई आवश्यकता नहीं है।" लक्सन ने कहा, "मेरा मानना ​​है कि मूल बात यह है कि इस संघर्ष को और अधिक बढ़ने से रोकने पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है।" उन्होंने कहा, "राष्ट्रपति ट्रंप की ओर से धमकियां दी गईं। पुलों, जलाशयों और नागरिक ढांचों पर बमबारी सहित कोई भी कार्रवाई अस्वीकार्य है।"

ईरान की अमेरिकी जनता से अपील

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बक़ाई ने अमेरिकियों से ईरान के खिलाफ़ चलाए जा रहे "आक्रामक युद्ध" के लिए अपनी सरकार को जवाबदेह ठहराने का आग्रह किया। बक़ाई ने आईएसएनए को बताया, "अमेरिकी जनता को यह जानना चाहिए कि पश्चिम एशिया में ईरान के खिलाफ़ उनकी सरकार जो कर रही है वह घोर अन्याय और एक अनुचित, आक्रामक युद्ध है।" आईएसएनए के अनुसार, बक़ाई ने आगे कहा, "अमेरिकी जनता को अपने नाम पर किए गए कार्यों और अपराधों के लिए अपनी सरकार को जवाबदेह ठहराना चाहिए।"