ईरान पर थोपे गए युद्ध का 7 अप्रैल को 38वां दिन है। यूएस राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के लिए मंगलवार की डेडलाइन रखी है। ईरान ने शांति प्रस्ताव खारिज कर दिया। ईरान ने युवकों से पावर प्लांट के चारों तरफ जमा होने को कहा है। ताज़ा अपडेटः
ईरानी संगीतकार अली ग़मसारी दमावंद पावर प्लांट पर।
ईरान ने ट्रंप के संभावित हमलों से पहले युवाओं से बिजली प्लांट के चारों ओर मानव श्रृंखला बनाने का आह्वान किया। मंगलवार तड़के एक ईरानी अधिकारी यह वीडियो संदेश जारी किया। ईरानी युवा और किशोर सर्वोच्च परिषद के सचिव अली रज़ा रहीमी का ईरान के सभी टीवी चैनलों पर यह वीडियो संदेश प्रसारित हुआ। उन्होंने कहा, "मैं सभी युवाओं, खिलाड़ियों, कलाकारों, छात्रों, विश्वविद्यालय के छात्रों और उनके प्रोफेसरों को आमंत्रित करता हूं। मंगलवार को दोपहर 2 बजे उन बिजली प्लांट के चारों ओर इकट्ठा हों जो हमारी राष्ट्रीय संपत्ति और पूंजी हैं, चाहे आपका कोई भी राजनीतिक नज़रिया हो, यह ईरान के भविष्य और ईरानी युवाओं से संबंधित हैं।"
ईरान ने पश्चिम के साथ तनाव बढ़ने के समय अतीत में अपने परमाणु स्थलों के चारों ओर मानव श्रृंखला प्रदर्शन किए हैं, जिन्हें मानव ढाल के रूप में भी जाना जाता है। इराकी तानाशाह सद्दाम हुसैन ने 1991 के खाड़ी युद्ध के दौरान इसी तरह के मानव ढाल प्रदर्शन किए थे। उन्होंने युद्ध के दौरान अपनी सुरक्षा सेवाओं द्वारा हिरासत में लिए गए विदेशी नागरिकों को भी इसमें शामिल किया था।
ईरानी संगीतकार ग़मसारी पावर प्लांट पर पहुंचे
ईरानी संगीतकार अली ग़मसारी, जो एक संगीतकार और तार वादक हैं, ने घोषणा की है कि मंगलवार से वह कुछ समय के लिए दमावंद बिजली प्लांट में अपने वाद्य यंत्र के साथ रहेंगे। इस बिजली प्लांट से तेहरान की आधी बिजली आपूर्ति होती है। ग़मसारी ईरान के बुनियादी ढांचे पर हमलों को रोकने में मदद करने के लिए संगीत की रचना करेंगे। ईरान के अन्य कलाकार भी धीरे-धीरे तमाम बिजली प्लांटों के आसपास जमा होना शुरू हो गए हैं। इससे ईरान के बाकी युवक भी आकर्षित हो रहे हैं। ग़मसारी मौजूदा दौर में ईरानी युवकों के पसंदीदा म्यूजिशियन हैं।
सऊदी अरब को बहरीन से जोड़ने वाला प्रमुख पुल बंद
ईरानी हमलों के खतरे के चलते मंगलवार को सऊदी अरब और बहरीन द्वीप राज्य को जोड़ने वाला प्रमुख पुल, किंग फहद कॉज़वे बंद कर दिया गया। किंग फहद कॉज़वे प्राधिकरण ने X पर एक पोस्ट के माध्यम से इसकी घोषणा की। इसमें कहा गया है कि सऊदी अरब के पूर्वी प्रांत को निशाना बनाकर किए जा रहे ईरानी हमलों के मद्देनजर एहतियाती उपाय के तौर पर वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है। 25 किलोमीटर (15.5 मील) लंबा यह पुल बहरीन को, जहां अमेरिकी नौसेना का पांचवां बेड़ा स्थित है, अरब प्रायद्वीप से जोड़ने वाला एकमात्र सड़क मार्ग है।
आज सबसे अधिक हमले होंगेः हेगसेथ
अमेरिकी युद्ध सचिव पीट हेगसेथ ने चेतावनी दी है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के निर्देशों के अनुसार, ऑपरेशन फ्यूरी की शुरुआत के बाद से ईरान पर "सबसे अधिक हमले" किए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अगर ईरान युद्ध समाप्त करने के समझौते को स्वीकार नहीं करता है, तो आज के हमले कहीं अधिक होंगे। व्हाइट हाउस में पत्रकारों को संबोधित करते हुए, हेगसेथ ने ईरान को "सोच-समझकर निर्णय लेने" की सलाह दी और कहा कि राष्ट्रपति ट्रम्प "कोई ढिलाई नहीं बरतते"। उन्होंने कहा, "राष्ट्रपति के निर्देशानुसार, आज इस ऑपरेशन के पहले दिन के बाद से सबसे अधिक हमले होंगे। कल तो आज से भी अधिक हमले होंगे। और फिर ईरान के पास एक विकल्प है। सोच-समझकर निर्णय लें, क्योंकि यह राष्ट्रपति कोई ढिलाई नहीं बरतते।"
ट्रंप के आदेश हमारी सेना और अमेरिकी जनता के लिए कलंकः सांसद मार्क केली
ईरान के खिलाफ ट्रंप द्वारा प्रस्तावित सैन्य कार्रवाई का विरोध करने वाले अमेरिकी सांसदों की सूची लगातार बढ़ रही है। एक अन्य डेमोक्रेटिक सांसद ने कहा कि राष्ट्रपति द्वारा ईरान के बिजली संयंत्रों, पुलों और अन्य गैर-सैन्य स्थलों पर हमले की धमकी देना अमेरिकी सेना और देश के लिए एक कलंक होगा। एरिज़ोना के डेमोक्रेटिक सीनेटर मार्क केली ने कहा, "बिजली संयंत्रों और अन्य गैर-सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की धमकी देना ताकत नहीं है।" पूर्व नासा अंतरिक्ष यात्री और सम्मानित नौसेना पायलट केली ने कहा, "अगर ये शब्द बिना किसी वैध सैन्य उद्देश्य के नागरिक बुनियादी ढांचे को नष्ट करने के आदेश बन जाते हैं, तो यह समझना मुश्किल है कि वे सशस्त्र संघर्ष के कानूनों का उल्लंघन कैसे नहीं करेंगे।" उन्होंने कहा, "अमेरिका ताकत, अनुशासन और व्यावसायिकता के साथ सबसे अच्छा नेतृत्व करता है। नागरिकों को नुकसान पहुंचाने के अवैध आदेश हमारी सेना और हमारे देश के लिए एक कलंक होंगे।"
बहरीन ने जनता से सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा
बहरीन ने लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने का आग्रह किया है, क्योंकि गोलीबारी की नई खबरों के बाद सायरन बजने लगे हैं। बहरीन के आंतरिक मंत्रालय ने X पर एक संदेश जारी कर कहा, "निवासियों से अनुरोध है कि वे शांत रहें और निकटतम सुरक्षित स्थान पर जाएं।" अमेरिका के करीबी सहयोगी बहरीन पर फरवरी में युद्ध शुरू होने के बाद से ईरान द्वारा मिसाइल और ड्रोन हमले किए जा रहे हैं।
जापान की प्रधानमंत्री ईरानी राष्ट्रपति से फोन पर बात करना चाहती हैं
जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन के बीच फोन पर बातचीत की व्यवस्था की जा रही है।
ताकाइची ने संसद को बताया, “मुझे याद है कि मैंने कहा था कि हम ईरानी राष्ट्रपति से फोन पर बातचीत की व्यवस्था कर रहे हैं।” उन्होंने कहा, “हमें अमेरिका और ईरान दोनों से संवाद करना है, इसलिए हम दोनों देशों के राष्ट्रपतियों से फोन पर बातचीत करने की कोशिश कर रहे हैं।” ताकाइची ने यह घोषणा तब की जब यह खबर सामने आई कि जनवरी से ईरान में हिरासत में लिए गए दूसरे जापानी नागरिक को रिहा कर दिया गया है। विदेश मंत्रालय ने बताया कि सोमवार देर रात जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोटेगी ने ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची से फोन पर बात की और टोक्यो के इस रुख को दोहराया कि “स्थिति को जल्द से जल्द शांत करना अत्यंत महत्वपूर्ण है।”
न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री ने कहा- ट्रंप की धमकियां मददगार नहीं
न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरानी नागरिक ढांचों के खिलाफ हालिया धमकियों को "अनुपयोगी" बताया है। रेडियो न्यूजीलैंड को दिए इंटरव्यू में लक्सन ने कहा, "अनुपयोगी इसलिए क्योंकि और सैन्य कार्रवाई की कोई आवश्यकता नहीं है।" लक्सन ने कहा, "मेरा मानना है कि मूल बात यह है कि इस संघर्ष को और अधिक बढ़ने से रोकने पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है।" उन्होंने कहा, "राष्ट्रपति ट्रंप की ओर से धमकियां दी गईं। पुलों, जलाशयों और नागरिक ढांचों पर बमबारी सहित कोई भी कार्रवाई अस्वीकार्य है।"
ईरान की अमेरिकी जनता से अपील
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बक़ाई ने अमेरिकियों से ईरान के खिलाफ़ चलाए जा रहे "आक्रामक युद्ध" के लिए अपनी सरकार को जवाबदेह ठहराने का आग्रह किया। बक़ाई ने आईएसएनए को बताया, "अमेरिकी जनता को यह जानना चाहिए कि पश्चिम एशिया में ईरान के खिलाफ़ उनकी सरकार जो कर रही है वह घोर अन्याय और एक अनुचित, आक्रामक युद्ध है।" आईएसएनए के अनुसार, बक़ाई ने आगे कहा, "अमेरिकी जनता को अपने नाम पर किए गए कार्यों और अपराधों के लिए अपनी सरकार को जवाबदेह ठहराना चाहिए।"