ईरान में नया सुप्रीम लीडर चुना गया है, लेकिन नाम अभी गुप्त रखा गया है। यह फ़ैसला युद्ध के बीच हुआ है, जहां अमेरिका और इसराइल के हमलों से देश बुरी तरह प्रभावित है। ईरान की असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स ने बहुमत से नए नेता पर सहमति बना ली है, लेकिन रिपोर्ट है कि औपचारिक घोषणा में कुछ बाधाएं हैं।
सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार ईरान की असेंबली ऑफ़ एक्सपर्ट्स ने एक फ़ैसला कर लिया है, कई कट्टरपंथी सदस्यों ने चुने गए कैंडिडेट का नाम लिए बिना यह कहा। 88 सदस्यों वाली असेंबली ऑफ़ एक्सपर्ट्स के एक सीनियर मौलवी, आयतुल्लाह अहमद आलम अल-होदा के हवाले से सेमी-ऑफिशियल मेहर न्यूज़ एजेंसी ने कहा, 'लीडरशिप के लिए चुनाव हो चुके हैं और लीडर अपॉइंट कर दिया गया है।'
ईरानी मीडिया मेहर न्यूज ने रिपोर्ट दी है कि असेंबली के सदस्य आयतुल्लाह मोहम्मदमेहदी मीरबाकेरी ने रविवार को कहा कि बहुमत की राय बन चुकी है। उन्होंने कहा, 'कुछ बाधाएं अभी बाकी हैं, जिन्हें हल करना है।' इससे पहले शनिवार को एक वरिष्ठ मौलवी ने कहा था कि अगले 24 घंटों में बैठक होकर फैसला हो जाएगा।

असेंबली में 88 सदस्य चुनते हैं सुप्रीम लीडर

असेंबली में 88 सदस्य हैं, जो ईरान के सुप्रीम लीडर को चुनते हैं। अब युद्ध की वजह से समस्या है कि सदस्य व्यक्तिगत रूप से मिलकर बैठक नहीं कर पा रहे हैं। आयतुल्लाह मोहसिन हेदारी अलेकासिर ने नूरन्यूज को दिए वीडियो में कहा, 'यह असाधारण स्थिति है। पूरी सभा की बैठक संभव नहीं है।' उन्होंने कहा कि दुश्मन को फायदा पहुंचाने वाली कोई कोशिश नहीं करनी चाहिए, क्योंकि इससे क्रांति को नुकसान होगा।

कुछ सदस्यों का मानना है कि बिना बैठक के फैसला जारी किया जा सकता है, जबकि कुछ कहते हैं कि व्यक्तिगत बैठक जरूरी है। सुरक्षा की वजह से बैठक मुश्किल है।

यूएस-अमेरिकी हमले में खामेनेई की मौत

28 फरवरी से शुरू हुए युद्ध में अमेरिका और इसराइल के हमलों से सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत हो गई थी। उनके साथ कई बड़े अधिकारी और कमांडर भी मारे गए। क़ुम शहर में असेंबली की एक इमारत भी तबाह हो गई। खामेनेई 1989 से सुप्रीम लीडर थे और उन्होंने ईरान को लंबे समय तक चलाया। अब नए नेता का चयन हो रहा है। खामेनेई की सलाह के मुताबिक चुने गए उम्मीदवार में गुण हैं कि वह दुश्मन द्वारा नफरत किया जाए, न कि तारीफ। हेदारी अलेकासिर ने कहा, 'यह उम्मीदवार वैसा है जिसे दुश्मन नफरत करता है। यहां तक कि अमेरिका ने भी उसका नाम लिया है।'
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मुजतबा ख़ामेनेई का नाम चर्चा में क्यों?

कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि इससे साफ लगता है कि बात मुजतबा खामेनेई की हो रही है, जो अली खामेनेई के बेटे हैं। मुजतबा 56 साल के हैं और हार्डलाइन क्लेरिक हैं। वे रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स से करीब हैं और अपने पिता के ऑफिस में अहम भूमिका निभाते थे। वे कभी सरकारी पद पर नहीं रहे, लेकिन पीछे से बहुत प्रभाव रखते हैं। 2022 के विरोध प्रदर्शनों में लोग उन पर बहुत गुस्सा थे, क्योंकि सुरक्षा बलों पर उनका कंट्रोल माना जाता है।

मुजतबा ख़ामेनई

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि मुजतबा सबसे संभावित उत्तराधिकारी हैं, लेकिन वे इसे स्वीकार नहीं करेंगे। ट्रंप ने कहा कि वे खुद ईरान के नए लीडर चुनने में शामिल होना चाहते हैं।
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ईरानी मीडिया में बताया गया कि असेंबली के हेड ऑफ सेक्रेटेरिएट आयतुल्लाह हाशेम होसैनी बुशेहरी फैसला सार्वजनिक करेंगे। युद्ध की वजह से नाम अभी छिपाया जा रहा है, ताकि नए नेता को खतरा न हो। यह ईरान के लिए बेहद अहम समय है। युद्ध जारी है, और नया लीडर चुनना आसान नहीं। असेंबली जल्द ही औपचारिक घोषणा कर सकती है।