ईरान द्वारा ताज़ा वार्ता से इनकार के बाद जेडी वेंस का पाकिस्तान दौरा टल गया है। क्या इससे क्षेत्रीय तनाव और युद्ध की आशंका बढ़ेगी?
अमेरिका और ईरान के बीच शांति के प्रयास को तब बड़ा झटका लगा जब अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का इस्लामाबाद दौरा टाल दिया गया। कारण है कि ईरान ने अमेरिका की बातचीत की शर्तों पर कोई जवाब नहीं दिया। वेंस पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद जाने वाले थे, जहां बुधवार को ईरानी वार्ताकारों के साथ परमाणु समझौते पर फिर से चर्चा होनी थी। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, लेकिन एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि ईरान से कोई सकारात्मक जवाब न मिलने के कारण यह यात्रा फिलहाल रोक दी गई है। हालाँकि यात्रा पूरी तरह रद्द नहीं हुई है। अगर ईरान जल्दी सही जवाब देता है तो यात्रा किसी भी पल शुरू हो सकती है।
अप्रैल 2026 में अमेरिका और ईरान के बीच सीधा संघर्ष शुरू हो गया था। इसके बाद पाकिस्तान की मध्यस्थता में 8 अप्रैल को 14 दिनों का युद्धविराम हुआ। यह युद्धविराम बुधवार को खत्म होने वाला है। अमेरिका ईरान से परमाणु कार्यक्रम पर सख्त शर्तें मांग रहा है।
मुख्य मुद्दे क्या हैं?
परमाणु कार्यक्रम पर कुछ ज़्यादा ही विवाद है। ईरान का अपना यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम कितना चलेगा? उसके पास मौजूद संवर्धित यूरेनियम का स्टॉक क्या होगा? इससे जुड़े ऐसे ही मुद्दे हैं। अमेरिका चाहता है कि ईरान परमाणु हथियार न बना सके और IAEA की सख्त निगरानी में रहे। अमेरिका ने ईरान को लिखित प्रस्ताव दिया है। इसमें कुछ छूट भी देने की बात है, जैसे कुछ फ्रीज की गई संपत्तियां वापस करना या आर्थिक मदद। लेकिन ईरान अभी तक कोई जवाब नहीं दे रहा है। इधर, ईरान संवर्द्धित परमाणु को सौंपने से इनकार कर रहा है और इसने होर्मुज पर अमेरिकी नाकेबंदी को हटाने की मांग की है। कई और मुद्दों पर तनातनी बनी हुई है।
ट्रंप का सख्त रुख
डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कहा है कि वे युद्धविराम बढ़ाना नहीं चाहते। उन्होंने सीएनबीसी को दिए इंटरव्यू में कहा, 'हम तैयार हैं। हमारी सेना जंग के लिए पूरी तरह बेताब है। हमारे पास भरपूर गोला-बारूद है। अगर बातचीत नाकाम रही तो बमबारी शुरू हो जाएगी।'ट्रंप ने कहा कि वे 2015 के ओबामा वाले ईरान डील से बेहतर समझौता चाहते हैं। अगर ईरान अच्छे विश्वास से बात नहीं करता तो अमेरिका सैन्य विकल्पों पर विचार कर रहा है। अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन पहले से ही सैन्य प्लान तैयार कर रहा है, हालांकि अभी बमबारी तुरंत शुरू होने की बात नहीं है।
ईरान की नई धमकी
दूसरी तरफ ईरान ने भी कहा है कि अगर जरूरत पड़ी तो वह नए सरप्राइज के साथ जंग के लिए तैयार है। तस्नीम न्यूज एजेंसी ने रिपोर्ट दी है कि ईरान नई जंग की पूरी तैयारी कर चुका है और उसने दुश्मन के लिए कुछ नई चौंकाने वाली चीजें तैयार की हैं। रिपोर्ट के अनुसार, पिछले दो हफ्तों से ईरान जंग शुरू होने की संभावना को गंभीरता से ले रहा है। उसने नए टारगेट लिस्ट बना ली हैं और कुछ सैन्य हलचल भी शुरू कर दी है। सूत्रों ने एजेंसी को बताया कि अगर फिर से जंग शुरू हुई, तो ईरान अमेरिका और इसराइल के लिए दूसरा नर्क बना सकता है। ईरान की सरकारी टीवी ने कहा कि युद्धविराम मिडनाइट को खत्म हो जाएगा।
ईरान ने महिलाओं के फांसी के मामले पर भी ट्रंप के बयान को खारिज किया। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कुछ महिलाओं को फांसी से बचाने की अपील की थी, लेकिन ईरान ने कहा कि ट्रंप को गलत सूचना दी गई है।
यूएस टीम में कौन शामिल?
अमेरिकी टीम में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, ट्रंप के दामाद जेरेड कुश्नर और विशेष दूत स्टीव विटकॉफ मुख्य भूमिका में हैं। पाकिस्तान के आर्मी चीफ फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ईरान तक संदेश पहुंचाने में मदद कर रहे हैं। वॉशिंगटन में सिचुएशन रूम मीटिंग्स में ट्रंप, विदेश मंत्री मार्को रुबियो, राष्ट्रीय खुफिया प्रमुख जॉन रैटक्लिफ और अन्य शीर्ष अधिकारी शामिल होते हैं।
क्या होगा आगे?
अभी स्थिति अनिश्चित है। अगर ईरान जल्दी जवाब देता है तो इस्लामाबाद में नई बातचीत शुरू हो सकती है। लेकिन ट्रंप का रुख सख्त है– या तो अच्छा डील, या फिर सैन्य कार्रवाई। ईरान भी कह रहा है कि वह धमकी में बात नहीं करेगा।
यह पूरा मामला न सिर्फ अमेरिका-ईरान के बीच है, बल्कि पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर रहा है क्योंकि होर्मुज स्ट्रेट बंद है। दोनों तरफ से धमकियां जारी हैं, लेकिन आखिरी कोशिश बातचीत की ही हो रही है। अगले 24-48 घंटे बेहद अहम होंगे।