ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच न्यायपालिका ने स्पष्ट किया है कि गिरफ्तार प्रदर्शनकारी इरफान सुल्तानी को मौत की सजा नहीं होगी। उन्हें ऐसी कोई सजा का सामना नहीं करना पड़ेगा। न्यायपालिका ने राज्य मीडिया के हवाले से कहा कि सुल्तानी पर "देश की आंतरिक सुरक्षा के खिलाफ साजिश" और "शासन के खिलाफ प्रचार" जैसे आरोप हैं, जिनके लिए मौत की सजा का प्रावधान नहीं है। यदि दोषी पाए जाते हैं तो सजा जेल होगी। इससे पहले मानवाधिकार संगठनों और परिवार ने दावा किया था कि उनकी फांसी की तैयारी चल रही है, लेकिन अब इसे खारिज कर दिया गया है। ईरान ने अपना हवाई क्षेत्र भी दोबारा खोल दिया है, जिससे तनाव में कुछ कमी आई है। इस बीच, यूएस राष्ट्रपति ट्रंप का रुख भी बदल रहा है।

क्या ट्रंप का रुख बदल रहा है

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उन्हें "अच्छे स्रोतों" से जानकारी मिली है कि ईरान में प्रदर्शनकारियों की हत्याएं रुक गई हैं और कोई फांसी की योजना नहीं है। ट्रंप ने व्हाइट हाउस में पत्रकारों से कहा, "हत्या रुक गई है... यह बंद हो गई है।" उन्होंने ईरान को चेतावनी दी थी कि यदि प्रदर्शनकारियों पर हमला जारी रहा तो अमेरिका "बहुत मजबूत कार्रवाई" करेगा, लेकिन अब उन्होंने कहा कि वे स्थिति पर नजर रखेंगे। ट्रंप ने प्रदर्शनकारियों से कहा था कि "मदद आने वाली है।" हालांकि इससे पहले रूस ने सीधी धमकी दी थी कि अगर अमेरिका ने ईरान पर हमला किया तो इसके नतीजे विनाशकारी होंगे।   

ट्रंप ने रज़ा पहलवी की ईरान में समर्थन क्षमता पर सवाल उठाए

ट्रंप ने ईरान के पूर्व शाह के बेटे रज़ा पहलवी (जो अमेरिका में रह रहे हैं) के बारे में कहा कि वे "बहुत अच्छे शख्स हैं", लेकिन ईरान के अंदर उनके समर्थन जुटाने की क्षमता पर संदेह जताया। ट्रंप ने रॉयटर्स को दिए इंटरव्यू में कहा कि विपक्षी गुट बंटे हुए हैं और पहलवी को ईरान में मजबूत आधार मिलना मुश्किल लगता है। पहलवी ने प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया है और ट्रंप से हस्तक्षेप की मांग की है, लेकिन ट्रंप ने अभी तक उन्हें पूरा समर्थन नहीं दिया है।

तुर्की ने बातचीत से मामला हल करने की अपील की

तुर्की के विदेश मंत्री हाकान फिदान ने ईरान में अशांति पर चिंता जताते हुए कहा कि पहली प्राथमिकता ईरान में अस्थिरता से बचना है। उन्होंने बातचीत के जरिए समस्याओं के हल की अपील की और विदेशी हस्तक्षेप के खिलाफ चेतावनी दी। क्योंकि इससे क्षेत्र में बड़ा संकट पैदा हो सकता है। फिदान ने कहा कि प्रदर्शन ईरान की आंतरिक समस्याओं की वजह से हो रहे हैं, लेकिन विदेशी ताकतें उन्हें प्रभावित कर रही हैं। तुर्की ने ईरान के साथ राजनयिक संपर्क बनाए रखा है और क्षेत्रीय स्थिरता पर जोर दिया है।

विदेशी खतरे के खिलाफ खुद का बचाव करेंगेः ईरानी विदेश मंत्री

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सऊदी अरब के विदेश मंत्री से बातचीत में कहा कि ईरान किसी भी विदेशी खतरे के खिलाफ मजबूती से अपनी रक्षा करेगा। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण आर्थिक मुद्दों से शुरू हुए थे, लेकिन बाद में "इसराइल से जुड़े आतंकवादी तत्वों" ने हिंसा भड़काई। अराघची ने सऊदी अरब के साथ संबंध मजबूत करने पर जोर दिया और क्षेत्रीय तनाव कम करने की बात की। ईरान ने अमेरिका और इसराइल पर प्रदर्शनों को भड़काने का आरोप लगाया है।

कुल मिलाकर हालात 

ईरान में प्रदर्शन अब कम हो गए हैं। अमेरिका में सक्रिय मानवाधिकार संगठनों ने कहा है कि ईरान में  3,500 से अधिक लोग हिंसा में मारे जा चुके हैं। कई सरकारी भवनों और धार्मिक स्थलों को तबाह कर दिया गया। सरकार ने इंटरनेट बंद किया था और सख्त कार्रवाई की, जिससे तनाव बढ़ा। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका, तुर्की और अन्य देश स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। ईरान ने संयुक्त राष्ट्र में विदेशी हस्तक्षेप का विरोध किया है। स्थिति अभी नाजुक बनी हुई है। संयुक्त राष्ट्र गुरुवार को ईरान संकट पर बात करने वाला है।