ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार की नमाज़ में रविवार को लाखों लोगों के साथ उनके परिवार और राष्ट्रपति, संसद अध्यक्ष, ईरानी सेना आईआरजीसी प्रमुख शामिल हुए। इस दौरान अली खामेनेई के तीन बेटे भी अपने पिता के ताबूत के पास मौजूद रहे, लेकिन उनके उत्तराधिकारी और नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई समारोह में दिखाई नहीं दिए। मुजतबा की सुरक्षा को लेकर चिंताएँ जताई जा रही हैं और कहा जा रहा है कि इसी वजह से वह सार्वजनिक तौर पर नहीं दिखेंगे। ईरानी अधिकारियों का अनुमान है कि पूरे देश में चल रहे शोक समारोहों में एक करोड़ से अधिक लोग शामिल हो सकते हैं।

ईरान के सरकारी टीवी चैनल पर प्रसारित तस्वीरों में अली खामेनेई के तीन बेटे मुस्तफा, मेयसम और मसूद खामेनेई तेहरान स्थित इमाम खोमैनी ग्रैंड मोसल्ला में अपने पिता के ताबूत के पीछे खड़े दिखाई दिए। ईरानी मीडिया आईआरएनए यानी इस्लामिक रिपब्लिक न्यूज़ एजेंसी ने यह रिपोर्ट दी है। इस दौरान ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान, संसद अध्यक्ष मोहम्मद बगेर ग़ालिबाफ़ और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC के कमांडर-इन-चीफ अहमद वहीदी भी अंतिम संस्कार की नमाज़ में शामिल हुए। 

अली खामेनेई का ताबूत ईरान के राष्ट्रीय ध्वज से ढका हुआ था और उस पर काली पगड़ी रखी गई थी। उनके ताबूत के साथ परिवार के चार अन्य सदस्यों के ताबूत भी रखे गए, जिनकी फरवरी में हुए हवाई हमलों में मौत हुई थी। इनमें उनकी 14 महीने की पोती भी शामिल थी। आईआरएनए की रिपोर्ट के अनुसार प्रार्थनाएँ तीन चरणों में की गईं। पहली प्रार्थना अली खामेनेई के पार्थिव शरीर के लिए की गई। दूसरी प्रार्थना उनकी बेटी सैय्यदा बुशरा खामेनेई, उनके दामाद मेस्बाह अल-हुदा बगेरी और उनकी बहू ज़हरा हद्दाद आदेल के पार्थिव शरीरों के लिए की गई। तीसरी प्रार्थना उनकी पोती ज़हरा मोहम्मदी गोलपायगानी के लिए की गई, जो एक छोटी बच्ची थी।

मुजतबा खामेनेई की गैरहाजिरी पर उठे सवाल

अली खामेनेई की मौत के बाद मार्च में मुजतबा खामेनेई को ईरान का नया सुप्रीम लीडर बनाया गया था। लेकिन पद संभालने के बाद से वह सार्वजनिक रूप से दिखाई नहीं दिए हैं और न ही उनका कोई आधिकारिक संबोधन सामने आया है। पिछले सप्ताह अंतिम संस्कार आयोजन समिति के प्रमुख अली अकबर पूरजमशिदियन से जब पूछा गया था कि क्या मुजतबा अंतिम संस्कार में शामिल होंगे, तो उन्होंने कहा था कि इस बारे में जानकारी देना उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं है और इसका फ़ैसला मुजतबा के कार्यालय की ओर से किया जाएगा।

पत्नी की श्रद्धांजलि सभा में भी नहीं पहुंचे थे मुजतबा

मुजतबा खामेनेई अपनी पत्नी ज़हरा हदाद-आदिल की श्रद्धांजलि सभा में भी शामिल नहीं हुए थे। उनकी पत्नी की भी उसी हमले में मौत हुई थी, जिसमें अली खामेनेई की जान गई थी। इस हमले में उनके किशोर बेटे और परिवार के अन्य सदस्य भी मारे गए थे।

सुरक्षा कारणों से सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूर!

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 28 फरवरी को ईरान में खामेनेई परिवार के परिसर पर हुए अमेरिका और इसराइल के साझा हवाई हमले में मुजतबा भी घायल हुए थे। समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, उनके करीबी लोगों का दावा है कि उनके पैरों और चेहरे पर गंभीर चोटें आई थीं। तब से अब तक उनकी कोई नई तस्वीर या सार्वजनिक वीडियो सामने नहीं आया है।

ईरानी समाचार पोर्टल अंसाफ न्यूज़ के अनुसार, सुरक्षा विशेषज्ञों ने मुजतबा को सलाह दी है कि वे अपनी सुरक्षा को देखते हुए सार्वजनिक रूप से सामने न आएं, यहां तक कि अपनी आवाज़ भी सार्वजनिक न करें।

हत्या की आशंका के चलते लिया गया फ़ैसला

द न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, अंतिम संस्कार की तैयारियों से जुड़े ईरान के रिवॉल्यूशनरी गार्ड के अधिकारियों का कहना है कि इसराइल की ओर से संभावित हमले या लोकेशन ट्रैक किए जाने की आशंका के कारण मुजतबा की सुरक्षा टीम ने उन्हें सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूर रहने की सलाह दी है। हालाँकि, रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि मुजतबा अपने पिता के अंतिम संस्कार के कुछ चरणों में शामिल होना चाहते थे।

ट्रंप का 'एक शॉट' वाला बयान

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में देश के शीर्ष नेता एक ही जगह मौजूद हैं और अमेरिका चाहे तो उन्हें 'एक ही शॉट में खत्म कर सकता है।' हालाँकि ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका ऐसा नहीं करेगा, क्योंकि वह बातचीत चाहते हैं।

बड़बोले ट्रंप ने तो यहाँ तक कह दिया कि, 'मैं यह देखकर हैरान हूं कि लोग रो रहे हैं। मुझे लगा था कि लोग खामेनेई से नफरत करते थे। शायद ये नकली आंसू हों।' डोनाल्ड ट्रंप की इस टिप्पणी पर आर्मेनिया में ईरान के दूतावास ने एक्स पर तीखी प्रतिक्रिया दी। दूतावास ने लिखा, 'आप इन बातों को समझ ही नहीं सकते, क्योंकि आपके पास न सभ्यता है, न इतिहास और न ही सम्मान।'
खामेनेई के अंतिम संस्कार से पहले ईरान के सैन्य अधिकारियों ने अमेरिका और इसराइल को कड़ी चेतावनी दी। खातम अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर के कमांडर अली अब्दोल्लाही ने कहा, 'हम अमेरिका और इसराइल को चेतावनी देते हैं कि वे किसी भी तरह की गलतफहमी में न रहें। अगर ईरान के खिलाफ कोई हमला हुआ तो हमारी सेना उसका कड़ा और तत्काल जवाब देगी।'

मशहद में अंतिम संस्कार तक चलेंगे शोक कार्यक्रम

बहरहाल, ईरान ने अली खामेनेई के सम्मान में एक सप्ताह के राष्ट्रीय शोक कार्यक्रम की घोषणा की है। सोमवार को उनके ताबूत को तेहरान की सड़कों से अंतिम यात्रा के रूप में निकाला जाएगा। इसके बाद विभिन्न शहरों और इराक के कुछ शिया धार्मिक स्थलों पर भी श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
अंतिम संस्कार का समापन 9 जुलाई को खामेनेई के जन्मस्थान मशहद स्थित इमाम रज़ा दरगाह में उनके दफन के साथ होगा।

क्या जनाजे में शामिल हो सकते हैं मुजतबा?

हालाँकि मुजतबा अभी तक किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम में नहीं दिखे हैं, लेकिन रिपोर्टों के अनुसार संभावना पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। कुछ मीडिया रिपोर्टों में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि यदि सुरक्षा एजेंसियां अनुमति देती हैं, तो मुजतबा मशहद में होने वाले अंतिम दफन समारोह में शामिल हो सकते हैं और अपने पिता के लिए अंतिम दुआ पढ़ सकते हैं।