चुनाव रुझानों में नेपाल की राजनीति में बड़ा बदलाव दिख रहा है। काठमांडू के मेयर बालेंद्र ‘बालेन’ शाह के अगले प्रधानमंत्री बनने की चर्चा तेज है।
ज़ेन ज़ी आंदोलन के बाद पहली बार हुए नेपाल संसद के चुनाव में 'बालेन' शाह की नयी नवेली पार्टी क्लीन स्वीप करती दिख रही है। चुनाव में लोगों ने पुरानी पार्टियों को सीधे तौर पर खारिज कर दिया है। सितंबर 2025 में ज़ेन ज़ी के बड़े विरोध-प्रदर्शनों ने तत्कालीन प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की सरकार को गिरा दिया था। इस चुनाव में तीन साल पुरानी राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी यानी आरएसपी को भारी बहुमत मिलता दिख रहा है। पार्टी के नेता और पूर्व काठमांडू मेयर बालेंद्र 'बालेन' शाह अब नेपाल के अगले प्रधानमंत्री बनने की ओर बढ़ रहे हैं।
शुक्रवार को 150 से ज्यादा निर्वाचन क्षेत्रों में मतगणना चल रही थी। आरएसपी 108 सीटों पर आगे चल रही है। इससे पुरानी पार्टियां बहुत पीछे छूट गई हैं। नेपाली कांग्रेस सिर्फ वह 12 जगहों पर आगे है। कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (यूएमएल) 12 जगहों पर आगे है। प्रचंड की अगुवाई वाली नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी सिर्फ 9 जगहों पर आगे है। इसमें माओवादी सेंटर और माधव कुमार नेपाल की यूनाइटेड सोशलिस्ट जैसी 19 कम्युनिस्ट गुट शामिल हैं।
नेपाल की प्रतिनिधि सभा में कुल 275 सीटें हैं। इनमें से 165 सीटें फर्स्ट-पास्ट-द-पोस्ट से चुनी जाती हैं। बाकी 110 सीटें समानुपातिक प्रतिनिधित्व से मिलती हैं, जहां पार्टियों के कुल वोटों के आधार पर सीटें बांटी जाती हैं। शनिवार को पूरा नतीजा आने वाला है।
पहले रैपर रहे 35 साल के बालेंद्र शाह अब राजनीतिज्ञ बन गए हैं। वह अपनी सीट झापा-5 से बहुत आगे चल रहे हैं। वह पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को बड़ी बढ़त से हराते दिख रहे हैं। ओली की पारंपरिक मजबूत सीट पर यह हार पुरानी राजनीति के लिए बड़ा झटका होगा।
पुराने बड़े नेता पीछे
पुराने बड़े नेता हारते दिख रहे हैं। ओली के अलावा यूएमएल के उपाध्यक्ष विष्णु पौडेल, राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी के प्रमुख राजेंद्र लिंगदेन और उनके पूर्ववर्ती कमल थापा, नेपाली कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शेखर कोइराला, अरबपति विनोद चौधरी, जनमत पार्टी के सीके राउत, जनता समाजवादी पार्टी के उपेंद्र यादव, पूर्व प्रधानमंत्री माधव कुमार नेपाल और पूर्व स्पीकर देव राज घिमिरे जैसे कई बड़े नाम पीछे चल रहे हैं।
हालाँकि, पूर्व प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल 'प्रचंड' अपनी सीट रुकुम ईस्ट से जीत गए हैं।
यह चुनाव नेपाल के युवाओं की जीत है। सितंबर 2025 के विरोध प्रदर्शनों में युवाओं ने भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और पुरानी पार्टियों के खिलाफ आवाज उठाई थी। अब आरएसपी को इतना बड़ा समर्थन मिला है कि पार्टी आसानी से बहुमत हासिल कर सकती है। आरएसपी के संस्थापक और अध्यक्ष रबी लामिछाने पार्टी को मजबूती से कंट्रोल करेंगे। वे पहले उप-प्रधानमंत्री और गृह मंत्री रह चुके हैं।
यह नतीजा नेपाल की राजनीति में नया दौर लाएगा। युवा नेता बालेंद्र शाह अब प्रधानमंत्री बनकर देश को नई दिशा दे सकते हैं। जनता बदलाव चाहती है और यह चुनाव उसकी मांग को पूरा करता दिख रहा है। पूरा नतीजा आने के बाद नए सरकार का गठन होगा।