अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ग्लोबल टैरिफ पर 24 घंटे में अपना फैसला बदल दिया है। ट्रंप ने सभी आयात पर अस्थायी टैरिफ बढ़ाकर 15% कर दिया है। उन्होंने धारा 122 के तहत ऐसा किया। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ट्रंप ने ग्लोबल टैरिफ 10% कर दिया था।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ग्लोबल टैरिफ बढ़ाकर 15 फीसदी किया
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को घोषणा की कि वह सभी देशों से होने वाले अमेरिकी आयात पर अस्थायी टैरिफ को 10% से बढ़ाकर 15% करेंगे। यह फैसला अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा उनके प्रमुख टैरिफ कार्यक्रम को आर्थिक आपातकालीन कानून के आधार पर खारिज किए जाने के कुछ घंटों बाद आया।
यूएस सुप्रीम कोर्ट के फैसले से नाराज़ ट्रंप ने शुक्रवार को सभी आयात पर तत्काल प्रभाव से 10% टैरिफ लगाने का आदेश दिया था, जो पहले से लागू शुल्कों के अतिरिक्त होगा। 1974 के ट्रेड एक्ट की धारा 122 राष्ट्रपति को 150 दिनों तक अधिकतम 15% तक का शुल्क लगाने की अनुमति देती है, हालांकि इस कदम को आगे कानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।
ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट में लिखा
राष्ट्रपति ट्रंप ने लिखा है- “मैं, संयुक्त राज्य अमेरिका का राष्ट्रपति होने के नाते, तत्काल प्रभाव से विश्वभर के देशों पर लगाए गए 10% टैरिफ को, जिनमें से कई दशकों से अमेरिका को ‘लूट’ रहे हैं, बिना किसी जवाबी कार्रवाई के अधिकतम 15% स्तर तक बढ़ा रहा हूं। इस आदेश को कानूनी अनुमति है और उसी कानून के तहत ऐसा किया जा रहा है।”संशोधित दर की घोषणा करते हुए ट्रंप ने कहा कि वह कानून के तहत मिली अनुमति के मुताबिक पूरा 15% टैरिफ लागू करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि 150 दिनों की अवधि के दौरान उनका प्रशासन नए और “कानूनी रूप से स्वीकार्य” टैरिफ जारी करने पर काम करेगा।
धारा 122 में अस्थायी प्रावधान
1974 के ट्रेड एक्ट की धारा 122 राष्ट्रपति को अधिकतम 150 दिनों के लिए 15% तक टैरिफ लगाने की अनुमति देती है। इसका उद्देश्य उन स्थितियों से निपटना है जिन्हें कानून “संयुक्त राज्य का बड़ा और गंभीर भुगतान संतुलन घाटा” कहता है। सरल शब्दों में कहें तो, जब आयात निर्यात से बहुत अधिक हो जाता है तो इसे लगाया जा सकता है।अन्य व्यापार कानूनों के विपरीत, धारा 122 के तहत टैरिफ लागू करने से पहले लंबी जांच की आवश्यकता नहीं होती, जिससे यह फौरन प्रतिक्रिया का हथियार बन जाता है।
हालांकि, इसके साथ सीमाएं भी हैं। धारा 122 के तहत लगाया गया कोई भी टैरिफ 15% से अधिक नहीं हो सकता और कांग्रेस (अमेरिकी संसद) की मंजूरी के बिना 150 दिनों से आगे जारी नहीं रह सकता।
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के व्यापक टैरिफ को “गैरकानूनी” करार दिया था।
सुप्रीम कोर्ट ने 6–3 के फैसले में निचली अदालत के उस निर्णय को बरकरार रखा, जिसमें कहा गया था कि टैरिफ घोषित करते समय ट्रंप ने 1977 के इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) का इस्तेमाल करते हुए अपनी शक्तियों का अतिक्रमण किया। जजों ने निष्कर्ष निकाला कि इस कानून ने ट्रंप को टैरिफ लगाने का वह अधिकार नहीं दिया था, जिसका उन्होंने दावा किया था।