रमजान के पाक महीने में अफ़ग़ानिस्तान और पाकिस्तान की सीमा से लगे दो प्रांतों नंगरहार और पक्तिका में रविवार को पाकिस्तानी सेना के हवाई हमले से दर्जनों लोग मारे गए। अफगान अधिकारियों के अनुसार, इनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि एक ही परिवार के कम से कम 17 से 23 सदस्य मारे गए। पाकिस्तान ने निशाना लगाकर यह हवाई हमला किया।

अफगानिस्तान सरकार के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने एक्स पर पोस्ट किया, 'पिछली रात पाकिस्तान ने नंगरहार और पक्तिका प्रांतों में हमारे आम नागरिकों पर बमबारी की, जिसमें दर्जनों लोग मारे गए और घायल हुए। इनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। पाकिस्तानी जनरल अपनी देश की सुरक्षा कमजोरियों को ऐसे अपराधों से छिपाते हैं।'
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अफगान के टोलो न्यूज़ ने अधिकारियों के हवाले से बताया कि नंगरहार प्रांत के बेहसूद जिले में एक आम नागरिक के घर पर हमला किया गया। इससे परिवार के 23 सदस्य मलबे में दब गए। अब तक सिर्फ चार लोगों को बाहर निकाला गया है और बचाव कार्य जारी हैं। रिपोर्ट के अनुसार, शनिवार रात से ही इन दोनों प्रांतों के कई जिलों में पाकिस्तानी हमले हो रहे हैं।

'अफगान डिफेंस' जैसे कुछ सोशल मीडिया खातों ने दावा किया कि बेहसूद जिले में एक घर पर हमले में 19 सदस्यों में से सिर्फ दो बच पाए। इंडिया टुडे के अनुसार अफगान सुरक्षा सूत्रों ने बताया कि बेहसूद में एक घर पर हमले से 17 लोग मारे गए, जिनमें 12 बच्चे और किशोर शामिल थे।

पाकिस्तान ने भी की हमले की पुष्टि

पाकिस्तान ने इन हमलों की पुष्टि की है। पाकिस्तान के सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार ने एक्स पर पोस्ट किया, 'पाकिस्तान ने सीमा क्षेत्र में पाकिस्तानी तालिबान और उसके सहयोगियों के सात आतंकी कैंपों और ठिकानों पर खुफिया जानकारी के आधार पर चुनिंदा हमले किए हैं।' 

पाकिस्तान के मंत्री तरार ने कहा कि यह कार्रवाई रमजान के शुरू होने के बाद से हुए तीन हमलों के जवाब में की गई है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने इस्लामिक स्टेट ग्रुप के एक साथी को भी निशाना बनाया।

मंत्री ने कहा कि इसने हाल ही में इस्लामाबाद में एक मस्जिद पर हुए हमले की ज़िम्मेदारी ली थी, जिसमें 31 लोग मारे गए थे और 160 से ज़्यादा घायल हुए थे। यह 2008 के मैरियट होटल बम धमाके के बाद इस्लामाबाद पर हुए सबसे खतरनाक हमलों में से एक था।

पाकिस्तानी सेना ने एक बयान में कहा कि अफ़गान तालिबान सरकार से बार-बार यह कहने की कोशिश की गई कि वह पाकिस्तान में टेररिस्ट गतिविधियों को अंजाम देने के लिए टेररिस्ट ग्रुप और विदेशी प्रॉक्सी द्वारा अफ़गान इलाके के इस्तेमाल को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए, लेकिन अफ़गान तालिबान सरकार 'उनके ख़िलाफ़ कोई ठोस कार्रवाई करने में नाकाम रही'।
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पाकिस्तान का अफगानिस्तान पर आरोप

इस्लामाबाद ने बार-बार अफगानिस्तान की तालिबान सरकार पर आरोप लगाया है कि वह अपनी जमीन से पाकिस्तान में हमले करने वाले आतंकी समूहों को रोक नहीं पा रही। पाकिस्तान का कहना है कि उसके पास पुख्ता सबूत हैं कि हाल के हमले, जैसे इस्लामाबाद की मस्जिद में बम विस्फोट जिसमें दर्जनों मारे गए, अफगानिस्तान में बैठे नेताओं के निर्देश पर हुए। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से काबुल पर दबाव डालने की मांग की है।

अफगानिस्तान इन आरोपों से इनकार करता है और कहता है कि ये हमले आम नागरिकों पर हुए। ये कार्रवाई दोनों पड़ोसी देशों के बीच पहले से तनावपूर्ण रिश्तों को और खराब कर सकती है। हाल के महीनों में सीमा पर झड़पें हो चुकी हैं। अक्टूबर में हुई झड़पों में दोनों तरफ 70 से ज्यादा लोग मारे गए थे।
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यह ताज़ा घटना रमजान के दौरान हुई है, जब पाकिस्तान में आतंकी हमलों में बढ़ोतरी देखी गई है। पाकिस्तान टीटीपी को अफगानिस्तान से संचालित होने वाला बताता है, जबकि अफगान तालिबान इससे इनकार करते हैं। दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ने से क्षेत्रीय सुरक्षा पर असर पड़ सकता है।