अमेरिकी खुफिया एजेंसियों से जुड़े दो अधिकारियों के अनुसार, रूस ने ईरान को ऐसी जानकारी सौंपी है जो तेहरान को अमेरिकी युद्धपोतों, विमानों और अन्य सैन्य संपत्तियों पर हमला करने में मदद पहुंचा सकती है। यह खुलासा ऐसे समय हुआ है जब अमेरिका और इसराइल ने एक सप्ताह पहले ईरान पर हमले शुरू किए हैं। ईरान ने पर्शियन गल्फ में अमेरिकी संपत्तियों तथा सहयोगियों पर जवाबी हमले किए हैं।
अमेरिकी अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस खुफिया जानकारी के साझा होने के बावजूद, रूस ने ईरान को यह नहीं बताया कि इस जानकारी का इस्तेमाल कैसे किया जाए। यह पहला संकेत है कि मॉस्को इस युद्ध में सीधे शामिल हो रहा है, जो अमेरिका-इसराइल द्वारा ईरान पर शुरू किया गया है। रूस और ईरान के बीच लंबे समय से मैत्रीपूर्ण संबंध रहे हैं, खासकर ईरान के परमाणु कार्यक्रम और हिजबुल्लाह, हमास तथा हूती जैसे प्रॉक्सी समूहों को समर्थन देने के कारण वो अलग-थलग पड़ गया है।
रूस ने यूक्रेन युद्ध के लिए ईरान से मिसाइलें और ड्रोन प्राप्त करने के लिए अपने संबंधों को मजबूत किया है। बाइडेन प्रशासन ने पहले खुफिया जानकारी सार्वजनिक की थी कि ईरान रूस को हमलावर ड्रोन सप्लाई कर रहा है और ड्रोन निर्माण फैक्ट्री बनाने में मदद कर रहा है। ईरान ने रूस को छोटी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें भी ट्रांसफर की हैं।

यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लादिमीर ज़ेलेंस्की ने कहा है कि अमेरिका और मध्य पूर्वी सहयोगी अब ईरानी शाहेद ड्रोन को रोकने की विशेषज्ञता चाहते हैं, जो रूस को सप्लाई किए जाते हैं और अब गल्फ में जवाबी हमलों में इस्तेमाल हो रहे हैं। ज़ेलेंस्की ने संयुक्त अरब अमीरात, कतर, बहरीन, जॉर्डन और कुवैत से सहयोग की बात की है। यूक्रेन की अमेरिका में राजदूत ओल्गा स्टेफानिशिना ने कहा, "यूक्रेन जानता है कि शाहेद ड्रोन हमलों से कैसे बचाव किया जाए क्योंकि हमारी शहरों पर लगभग हर रात ऐसे हमले होते हैं। जब हमारे साझेदारों को जरूरत होगी, हम मदद के लिए तैयार हैं।"
एक रिपोर्टर ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से इस बारे में सवाल पूछा तो ट्रंप ने सवाल को "मूर्खतापूर्ण" बताया और कहा, "यह समय इस तरह का सवाल पूछने का नहीं है।" व्हाइट हाउस प्रेस सेक्रेटरी कैरोलाइन लेविट ने कहा, "यह अमेरिकी सैन्य अभियानों पर कोई असर नहीं डाल रहा क्योंकि हम उन्हें पूरी तरह तबाह कर रहे हैं।" रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा, "अमेरिकी जनता आश्वस्त रह सकती है कि उनके कमांडर-इन-चीफ को पता है कि कौन किससे बात कर रहा है और जो नहीं होना चाहिए, उसे मजबूती से रोका जा रहा है।"

क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा, "हम ईरानी पक्ष और नेतृत्व के प्रतिनिधियों से संवाद में हैं और इसे जारी रखेंगे।" उन्होंने ईरान को सैन्य या खुफिया सहायता देने पर टिप्पणी से इनकार किया।
यह घटनाक्रम अमेरिकी सैन्य स्टॉकपाइल्स पर सवाल उठा रहा है, क्योंकि ईरान युद्ध से संसाधन कम हो रहे हैं। ट्रंप ने पहले बाइडेन पर यूक्रेन को हथियार देने और अमेरिकी भंडार न भरने का आरोप लगाया था। क्षेत्रीय सहयोगी गल्फ देशों ने शिकायत की है कि अमेरिका ने ईरान हमलों की पूर्व सूचना नहीं दी और उनकी चेतावनियों को नजरअंदाज किया।
हालांकि यह खबर वाशिंगटन पोस्ट में पहले रिपोर्ट की गई थी। लेकिन अब एपी के जरिए विस्तार से सामने आई है। इस रिपोर्ट से मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और रूस-ईरान संबंधों की गहराई पता चलती है।