अमेरिकी हमले में तीन भारतीयों की मौत के बीच डोनाल्ड ट्रम्प ने फ्रांस में G7 शिखर सम्मेलन से अलग मोदी के साथ बैठक में कहा कि 'भारत और अमेरिका के बीच बेहद अच्छे संबंध हैं। हमारे रिश्ते इससे बेहतर नहीं हो सकते। हमारे बीच इससे ज़्यादा नज़दीकी नहीं हो सकती।'
डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी हमले में भारतीयों की मौत की निंदा तक नहीं की और यह चुटकी भी ले ली कि 'भारत पर हमला हुआ तो हम मदद करेंगे'। जब एक पत्रकार ने पूछा कि 'अमेरिकी हमले में मारे गए भारतीय नाविकों के शोक-संतप्त परिवारों के लिए क्या कोई संवेदना संदेश है, तो ट्रंप ने इसे यह कहकर टाल दिया कि 'मैंने यह सुना है... यह काफी ख़तरनाक पेशा है, हम मिलकर काम कर रहे हैं।' जब उनसे पूछा गया कि क्या आप भारत और अमेरिका के बीच रक्षा संबंधों के बारे में बता सकते हैं? तो ट्रंप ने मज़ाक में कहा कि जब तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को लीड कर रहे हैं, अमेरिका भारत की रक्षा करने के लिए तैयार है।
लगातार अजीबोगरीब बयान के लिए जाने जाने वाले बड़बोले डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, 'अगर कोई भारत पर हमला करता है तो हम वहां होंगे। अगर उन पर हमला होता है और वह लीडर हैं, तो हम मदद के लिए वहां होंगे। अब अगर कोई नया लीडर आता है, तो मुझे पक्का नहीं पता।' ट्रंप ने यह बयान उस भारत के लिए दिया जिसके तीन नाविकों को ओमान की खाड़ी में अमेरिकी हमले में मार दिया गया। न तो ट्रंप ने निंदा की और न ही अमेरिका के किसी मंत्री या अधिकारी ने। बाद में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने तो चेतावनी तक दे दी कि सभी कमर्शियल जहाज अमेरिकी सेना के आदेशों का तुरंत पालन करें और अमेरिकी नाकेबंदी का उल्लंघन व ईरानी तेल की अवैध ढुलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
और अब खुद ट्रंप चुटकी ले रहे हैं। यह कहते हुए कि यदि भारत पर हमला होता है और मोदी नेता हैं तो अमेरिका भारत की मदद करेगा।
ट्रंप यहीं नहीं रुकते हैं। वह यह कहते हुए पीएम मोदी की तरफ़ देखते हैं और कहते हैं कि क्या यह अच्छा बयान है? पीएम हँसते हुए हाथ आगे बढ़ाते हैं और ट्रंप भी आगे हाथ बढ़ाकर चीयर करते हैं!
डोनाल्ड ट्रंप और पीएम मोदी के इस रवैये पर सोशल मीडिया पर लोगों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा, "ट्रंप द्वारा मोदी की नाटकीय तारीफ करना असली खबर नहीं है। असली खबर यह है कि नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार ने खाड़ी में अमेरिकी हवाई हमले में मारे गए तीन भारतीय नाविकों की मौत पर ट्रंप या उनकी सरकार से बिना शर्त माफी तक नहीं मांगी। उनसे अफसोस जताने वाला एक छोटी सा बयान भी नहीं दिलवा सके।"
उन्होंने आगे कहा, "जब एक पत्रकार ने सीधे उनसे नाविकों की मौत के बारे में पूछा, तो ट्रंप ने माफी मांगने या शोक संदेश देने की बजाय टाल दिया। उन्होंने कहा, 'यह एक खतरनाक पेशा है... ऐसा समय-समय पर होता रहता है।' जैसे तीन युवा भारतीयों की मौत कोई साधारण नौकरी का खतरा हो। और जो खुद को भारत के प्रधानमंत्री बताते हैं, वे चुपचाप बैठे रहे। न तो मृत नाविकों के परिवारों के लिए कुछ बोले, न ही देश की गरिमा की रक्षा की। ट्रंप की तारीफ कोई मायने नहीं रखती। मोदी की चुप्पी ही असली खबर है।"
कार्टूनिस्ट मंजूल ने लिखा, 'ट्रंप कह रहे हैं कि अगर इनपर अटैक किया गया तो मैं साथ दूँगा, अगर कोई और हुआ तो मुझे पता नहीं। ट्रंप वो शख्स हैं जिनके देश ने अभी हमला करके भारतीयों को मारा है। मोदी के मुँह से एक शब्द नहीं निकला है। उनको भारतीय परिवारों का मातम नहीं सुनाई दे रहा है। पर ट्रंप की बात सुनकर खी-खी कर रहे हैं।'
वरिष्ठ पत्रकार श्रवण गर्ग ने भी यही सवाल उठाया है। उन्होंने लिखा है, "क्या कोई बता सकता है कि मोदी के बारे में ट्रंप ने साफ़-साफ़ क्या कहा है? उन्होंने कहा कि अगर भारत पर कभी हमला होता है, तो वह भारत के साथ खड़े रहेंगे। हालाँकि, उन्होंने एक शर्त भी रखी। उन्होंने कहा कि वह भारत की मदद तभी करेंगे जब पीएम मोदी नेता होंगे। 'अगर कोई नया नेता आता है, तो मुझे इस बारे में पक्का नहीं पता'।"
मोदी US में बहुत पैसा ख़र्च कर रहे हैं: ट्रंप
पत्रकारों से बातचीत में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री मोदी अमेरिका के लिए बहुत कुछ कर रहे हैं और खूब पैसा ख़र्च कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'हमने प्रधानमंत्री मोदी के साथ बहुत अच्छी बातचीत की है। हम दोनों देशों के बीच व्यापार के नए समझौते कर रहे हैं। अमेरिका और भारत के बीच बहुत कुछ हो रहा है। अमेरिका आज पहले से कहीं बेहतर कर रहा है। हमारे पास 19.2 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा निवेश आ रहा है। हम फैक्टरियां बना रहे हैं, हर चीज बना रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी भी अमेरिका में बहुत कुछ बना रहे हैं। वे अमेरिका में बहुत सारा पैसा खर्च कर रहे हैं और हम उनके इस योगदान के लिए आभारी हैं।'
ट्रंप ने मोदी की ऐसी तारीफ़ क्यों की?
ट्रंप ने इस बैठक को बहुत अच्छा बताया। उन्होंने कहा, 'भारत और अमेरिका का रिश्ता बहुत अच्छा है। हम इससे ज्यादा करीब नहीं हो सकते। यह रिश्ता मेरे और मोदी जी के बीच से शुरू है।' ट्रंप ने पीएम मोदी की तारीफ करते हुए कहा, 'मोदी बहुत सख़्त नेगोशिएटर हैं… आप इस आदमी को देखिए। मैं आपको एक बात बताता हूँ। वह बहुत सुंदर दिखते हैं, बिल्कुल फरिश्ते जैसे लगते हैं। लेकिन असल में वे बहुत सख्त और किलर हैं… वे इतने अच्छे दिखते हैं कि लोग हैरान रह जाते हैं। लोग कहते हैं कि मोदी बहुत अच्छे इंसान हैं। लेकिन मैं कहता हूँ – वे बहुत सख़्त हैं। वे बहुत सख्त व्यापारी हैं। वे भारतीय लोगों से बहुत प्यार करते हैं और अमेरिका से भी प्यार करते हैं। हमने ह्यूस्टन में ‘Howdy Modi’ कार्यक्रम किया था, स्टेडियम पूरी तरह भरा हुआ था… हम भविष्य में भारत भी जाएंगे।'तो पाकिस्तान से गलबहियाँ क्यों?
पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप की मुलाक़ात फ्रांस में G7 शिखर सम्मेलन से अलग हुई। यह बैठक ऐसे समय में हुई जब हाल ही में अमेरिकी हमलों में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई थी। अमेरिका-भारत के बीच व्यापारिक टैरिफ, इमिग्रेशन नियम और भारत-पाकिस्तान मुद्दे पर कुछ तनाव हैं। ट्रंप का यह बयान तब आया है जब वह पाकिस्तान और वहाँ के सेना प्रमुख आसिम मुनीर के साथ गलबहियाँ कर रहे हैं। ईरान के साथ संघर्ष में पाकिस्तान की मध्यस्थता को स्वीकार कर रहे हैं। माना जा रहा है कि ट्रंप का यह रवैया एक तरह से भारत को कमतर दिखाने की कोशिश है। मई 2025 में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर चलाया था, जिसमें पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर हमले किए गए थे। ट्रंप ने पहले दावा किया था कि उन्होंने भारत-पाकिस्तान के बीच समझौता कराया, लेकिन भारत ने साफ कहा है कि सीजफायर सीधे भारत और पाकिस्तान के बीच हुआ था।
बहरहाल, दोनों नेताओं की यह बैठक फरवरी 2025 के बाद पहली मुलाकात थी। दोनों देशों के रिश्ते में कुछ तनाव के बावजूद इस बैठक से रिश्तों को सुधारने और मजबूत करने की कोशिश दिखी। ट्रंप ने पीएम मोदी की नेतृत्व क्षमता की सराहना की और कहा कि मोदी के रहते भारत अच्छा करेगा। यह घटनाक्रम भारत-अमेरिका संबंधों की जटिलता को दिखाता है। एक तरफ रणनीतिक साझेदारी मजबूत करने की बात, दूसरी तरफ हालिया घटनाओं पर असहमति भी है।