अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ चल रहे युद्ध के बीच कहा कि अमेरिका सबसे पहले ईरान को खत्म करना चाहता है। फिर अगला निशाना क्यूबा हो सकता है। ट्रंप ने यह भी कहा कि वाशिंगटन की ईरान का अगले नेतृत्व तय करने में भूमिका होना चाहिए।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के साथ चल रहे युद्ध के बीच एक बड़ा बयान देते हुए कहा है कि फिलहाल उनका पहला लक्ष्य ईरान को “पूरी तरह खत्म करना” है, लेकिन इसके बाद अमेरिका का अगला ध्यान क्यूबा की ओर जा सकता है। ट्रम्प ने कहा कि क्यूबा से निपटना “सिर्फ समय की बात” है। हालांकि ट्रम्प ने यह भी कहा कि वो नहीं जानते कि ईरान युद्ध कितना लंबा चलेगा।
व्हाइट हाउस में एक कार्यक्रम के दौरान ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका की प्राथमिकता अभी ईरान है और युद्ध समाप्त होने के बाद अमेरिका अन्य देशों से भी निपट सकता है। उन्होंने संकेत दिया कि क्यूबा सरकार अमेरिका के साथ समझौता करना चाहती है और भविष्य में वहां राजनीतिक बदलाव की संभावना हो सकती है।
ईरान युद्ध को प्राथमिकता
ट्रम्प ने स्पष्ट कहा कि अमेरिका फिलहाल अपना पूरा ध्यान ईरान पर केंद्रित कर रहा है। उनका कहना था: “हम पहले ईरान को खत्म करना चाहते हैं। उसके बाद बाकी चीज़ों पर ध्यान दिया जाएगा।” ट्रम्प के इस बयान को ऐसे समय में देखा जा रहा है जब अमेरिका और इज़राइल की संयुक्त सैन्य कार्रवाई के बाद क्षेत्र में तनाव चरम पर है और ईरान की सैन्य क्षमताओं को निशाना बनाया जा रहा है।“ईरान के अगले नेता के चयन में भी अमेरिका की भूमिका होगी”
ट्रम्प ने एक और विवादित बयान देते हुए कहा कि उन्हें लगता है कि अमेरिका को ईरान के अगले सर्वोच्च नेता के चयन में भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि वे यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि नया नेतृत्व ऐसा हो जो भविष्य में युद्ध की ओर न जाए। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि वह ईरान के मौजूदा सत्ता ढांचे को बदलने के पक्ष में हैं।वेनेजुएला जैसा मॉडल अपनाने की बात
ट्रम्प ने कहा कि ईरान के नेतृत्व को लेकर वह वैसा ही मॉडल अपनाना चाहते हैं जैसा उन्होंने वेनेजुएला के मामले में अपनाया था। उनका संकेत इस ओर था कि अमेरिका सैन्य या राजनीतिक दबाव के बाद किसी नए नेतृत्व के उभरने में भूमिका निभा सकता है। रिपोर्टों के मुताबिक ट्रम्प ने कहा कि ईरान के भविष्य के नेतृत्व के चयन में अमेरिका को “कहने का अधिकार” होना चाहिए।ट्रम्प ने इस अवसर का इस्तेमाल ईरान के साथ चल रहे संघर्ष का पॉजिटिव आकलन पेश करने के लिए किया और दावा किया कि अमेरिकी और इसराइली सेनाएं तेजी से प्रगति कर रही हैं। ट्रम्प ने कहा, "अमेरिकी सेना, अपने शानदार इसराइली सहयोगियों के साथ मिलकर, निर्धारित समय से काफी पहले ही दुश्मन को पूरी तरह से नष्ट कर रही है।"
उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान की सैन्य क्षमताएं बुरी तरह से कमजोर हो गई हैं। ट्रम्प ने कहा, "उनके पास न तो वायुसेना है, न ही हवाई रक्षा प्रणाली।" उन्होंने आगे कहा कि ईरान की नौसेना नष्ट हो चुकी है और अमेरिका ने "तीन दिनों में 24 जहाजों को नष्ट कर दिया है।" राष्ट्रपति ने अभियानों के बारे में बहुत कम जानकारी दी, और इन दावों की तुरंत स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकी।
ईरान का बार-बार खंडन, लेकिन ट्रम्प की रट- ईरान समझौता करना चाहता है
ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरानी नेता अब युद्ध समाप्त करने के लिए बातचीत की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि ईरान की ओर से टॉप लीडरशिप बार-बार कह रही है कि अब अमेरिका से कोई बातचीत नहीं होगी। ट्रम्प ने कहा, “वे फोन कर रहे हैं, वे पूछ रहे हैं, ‘हम समझौता कैसे करें?’ मैंने कहा, ‘आप थोड़ी देर कर रहे हैं, और हम उनसे कहीं ज़्यादा अभी लड़ना चाहते हैं।’” साथ ही, उन्होंने ईरानी राजनयिकों से अपने देश के राजनीतिक भविष्य को नया आकार देने में मदद करने का आग्रह किया। ट्रम्प ने कहा कि जो लोग सहयोग करेंगे वे “हमें एक नए और बेहतर ईरान को आकार देने में मदद कर सकते हैं जिसमें अपार संभावनाएं हैं,” साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि निरंतर संघर्ष के गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
खामेनेई की मौत के बाद ईरान का संकट
अमेरिकी राष्ट्रपति का यह बयान ऐसे समय में आया है जब हाल ही में अमेरिकी-इसराइली हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद देश में नेतृत्व का संकट पैदा हो गया है और नए नेता को लेकर अटकलें तेज हैं। हालांकि पश्चिमी देशों का मीडिया अपनी ओर से खामेनेई के बेटे मुजतबा खामेनेई का नाम अगले सुप्रीम लीडर के रूप में चला रहा है लेकिन ईरान से अभी तक इसकी पुष्टि नहीं की गई है।ट्रम्प के इन बयानों से यह संकेत मिलता है कि अमेरिका सिर्फ सैन्य कार्रवाई तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि वह ईरान के राजनीतिक भविष्य और नेतृत्व संरचना को भी प्रभावित करने की कोशिश कर सकता है।