अमेरिका और ईरान के बीच गुरुवार 7 मई को हॉर्मुज समुद्री रास्ते में ताजा सैन्य टकराव हुआ है। दोनों देशों ने एक-दूसरे पर आमने-सामने की गोलीबारी का आरोप लगाया है। हालांकि पीस डील पर बातचीत भी जारी है। 7 अप्रैल को लागू हुए नाजुक युद्धविराम के बाद यह अब तक की सबसे गंभीर घटना है।

होर्मुज में और बाद में क्या हुआ

न्यूयॉर्क टाइम्स और अन्य अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ईरानी सेना ने कथित तौर पर होर्मुज अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में मौजूद तीन अमेरिकी विध्वंसक जहाजों (Destroyers) को निशाना बनाने की कोशिश की। इसके जवाब में अमेरिकी सेना ने "आक्रामक रक्षात्मक कार्रवाई" करते हुए ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर हमले किए। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरागची के एक्स एकाउंट पर चार घंटे पहले हुए ट्वीट में कहा गया है कि ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, राजधानी तेहरान में कई विस्फोटों की सूचना मिलने के बाद पश्चिमी तेहरान में हवाई रक्षा प्रणालियाँ सक्रिय कर दी गईं। ईरानी सेनाएँ उन टारगेट का जवाब दे रही थीं जिन्हें उन्होंने "दुश्मन के टारगेट" बताया। ईरान से जुड़े अन्य सोशल मीडिया हैंडल पर कहा गया है कि इसका जवाब यूएई और सऊदी अरब को दिया जाएगा, क्योंकि इस हमले में उनकी भूमिका है।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि अमेरिकी सेना ने ईरानी सैन्य ठिकानों पर हमले किए, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर होर्मुज से गुजरने वाले युद्धपोतों पर हमले करने के लिए किया जा रहा था। अमेरिकी सेना ने जोर देकर कहा कि वाशिंगटन युद्धविराम तोड़ने या संघर्ष नहीं चाहता। CENTCOM ने कहा कि यह ईरानी हमले का बस सीधा सा जवाब था।
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ईरान ने अमेरिका पर सिविलियन इलाकों को निशाना बनाने का आरोप लगाया है। ईरानी सशस्त्र बलों के प्रवक्ता ने दावा किया कि अमेरिकी हमलों में ईरानी क्षेत्र को नुकसान पहुंचा और हॉर्मुज में प्रवेश कर रहे दो जहाजों को भी टारगेट किया गया। ईरानी मीडिया ने बताया कि तनाव बढ़ने के बाद तेहरान में एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय कर दिए गए, जिससे क्षेत्र में व्यापक सैन्य संकट की आशंका बढ़ गई है।

ट्रंप का बयान

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि अमेरिकी बलों ने ईरानी हमले को नष्ट कर दिया है। उन्होंने तेहरान को चेतावनी देते हुए कहा, “अगर ईरान जल्द कोई डील नहीं करता तो हम उन्हें और कहीं ज्यादा जोरदार और हिंसक तरीके से खत्म कर देंगे।” ट्रंप ने ईरान पर “हमारे साथ छेड़खानी” करने का आरोप लगाया, लेकिन साथ ही जोर दिया कि युद्धविराम अभी भी लागू है। एक एबीसी रिपोर्टर से बात में उन्होंने इस टकराव को “just a love tap” (यानी इस संघर्ष के संदर्भ में हल्का सा थप्पड़) करार दिया। दोनों पक्षों ने व्यापक संघर्ष से बचने का संकेत दिया है। ईरानी अधिकारियों ने बाद में कहा कि स्थिति सामान्य हो गई है, जबकि अमेरिका ने फिर दोहराया कि वह क्षेत्र में बढ़ोतरी नहीं चाहता।

युद्धविराम प्रस्ताव पर अनिश्चितता

यह ताजा हिंसा ऐसे समय में हुई है जब वाशिंगटन तेहरान से एक प्रस्तावित फ्रेमवर्क पर जवाब का इंतजार कर रहा था, जिसका मकसद युद्ध को औपचारिक रूप से समाप्त करना और खाड़ी क्षेत्र को स्थिर करना है। प्रस्ताव में तीन चरण का जिक्र है:औपचारिक युद्धविराम,
होर्मुज में तनाव कम करने के उपाय, व्यापक दीर्घकालिक समझौते के लिए 30 दिन की बातचीत। हालांकि, प्रस्ताव में कई विवादास्पद मुद्दों को टाला गया है। जिसमें ईरान की परमाणु गतिविधियों पर अंकुश और होर्मुज में असीमित नेविगेशन की अमेरिकी मांग शामिल हैं। ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि प्रस्ताव पर अभी अंतिम फैसला नहीं लिया गया है।
होर्मुज समुद्री रास्ता दुनिया के लगभग एक-पांचवें तेल और गैस सप्लाई को हैंडल करता है। इस क्षेत्र में अस्थिरता अंतरराष्ट्रीय बाजारों, शिपिंग और ऊर्जा आपूर्ति के लिए बड़ी चिंता का विषय है। क्षेत्रीय सहयोगी देशों और वैश्विक बाजारों में इस घटना से चिंता बढ़ गई है। न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक दोनों पक्ष अब भी कूटनीति के रास्ते पर हैं, लेकिन ताजा गोलीबारी से शांति प्रयासों पर सवालिया निशान लग गया है।