इसराइल में सुरक्षा जोखिम बढ़ता जा रहा है। अल जज़ीरा और इसराइली मीडिया के मुताबिक अमेरिकी दूतावास ने अपने नागरिकों को सूचित किया है कि वह फिलहाल उन्हें देश से निकालने (इवैक्यूएशन) की स्थिति में नहीं है। दूतावास ने ऑनलाइन जारी एक सुरक्षा अलर्ट में कहा कि मौजूदा हालात और ऑपरेशन सीमाओं के कारण वह प्रत्यक्ष निकासी सहायता प्रदान नहीं कर सकता।
दूतावास ने अपने संदेश में अमेरिकी नागरिकों को वैकल्पिक रास्तों की जानकारी जरूर दी है, लेकिन साथ ही स्पष्ट चेतावनी भी दी है कि यदि वे इन विकल्पों का इस्तेमाल करते हैं तो उनकी सुरक्षा की कोई गारंटी अमेरिकी सरकार नहीं दे सकती।

बसों से मिस्र सीमा तक जाने का विकल्प

सुरक्षा अलर्ट में बताया गया है कि इसराइल का पर्यटन मंत्रालय नागरिकों को टाबा (मिस्र) सीमा पार प्वाइंट तक पहुंचाने के लिए शटल बस सेवा चला रहा है। अमेरिकी दूतावास ने कहा कि जो नागरिक देश छोड़ना चाहते हैं, वे इस सुविधा का उपयोग कर सकते हैं।
हालांकि दूतावास ने साफ किया:“यदि आप इस विकल्प का उपयोग कर देश छोड़ने का निर्णय लेते हैं, तो अमेरिकी सरकार आपकी सुरक्षा की गारंटी नहीं दे सकती। यह जानकारी केवल उन लोगों की सुविधा के लिए दी जा रही है जो इज़राइल से बाहर जाना चाहते हैं।”

बसों में शामिल होने के लिए रजिस्ट्रेशन जरूरी

दूतावास ने यह भी बताया कि मिस्र सीमा तक जाने वाली इन बसों में सीट पाने के लिए अमेरिकी नागरिकों को इसराइल के पर्यटन मंत्रालय के “इवैक्यूएशन फॉर्म” के जरिए पहले पंजीकरण कराना होगा। बिना पंजीकरण के यात्रा संभव नहीं होगी।

क्यों पीछे हटा दूतावास?

विशेषज्ञों के अनुसार दूतावास द्वारा निकासी में असमर्थता जताने के पीछे कई कारण हो सकते हैं:

  • क्षेत्र में जारी सैन्य तनाव और सुरक्षा जोखिम

  • हवाई क्षेत्र या परिवहन मार्गों पर प्रतिबंध

  • सीमित राजनयिक और लॉजिस्टिक संसाधन

  • स्थानीय सरकार के साथ समन्वय की जटिलताएँ

नागरिकों को क्या सलाह दी गई

  • दूतावास ने अमेरिकी नागरिकों से अपील की है कि वे:

  • स्थानीय सुरक्षा निर्देशों का पालन करें

  • अपने यात्रा दस्तावेज तैयार रखें

  • आधिकारिक अपडेट नियमित रूप से चेक करते रहें

  • व्यक्तिगत सुरक्षा को प्राथमिकता दें

क्षेत्र में बढ़ी चिंता

इसराइल और आसपास के क्षेत्रों में हालिया तनाव के कारण विदेशी नागरिकों में चिंता बढ़ी है। कई देश अपने नागरिकों को स्वैच्छिक प्रस्थान (voluntary departure) या वैकल्पिक मार्ग अपनाने की सलाह दे चुके हैं। फिलहाल अमेरिकी दूतावास की ओर से यही संकेत है कि नागरिकों को स्वयं उपलब्ध विकल्पों का उपयोग कर देश छोड़ने की योजना बनानी होगी, जबकि वाशिंगटन स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है।

मिडिल ईस्ट में अमेरिका ने अपने कई दूतावास बंद किए

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने कुछ स्थानों पर दूतावास/स्टाफ ऑपरेशन सीमित किए हैं और कुछ जगहों पर आंशिक बंदी या निकासी के कदम उठाए हैं। रियाध स्थित अमेरिकी दूतावास पर ड्रोन हमला हुआ, जिससे हल्की आग और मामूली नुकसान हुआ। इसके बाद अमेरिकी मिशन ने नागरिकों को “shelter in place” यानी सुरक्षित स्थान पर रहने की सलाह दी। ।

अमेरिका ने मिडिल ईस्ट के 12 देशों में गैर-आपातकालीन स्टाफ और परिवारों की निकासी (drawdown) का आदेश दिया है। नागरिकों से भी कहा गया है कि वे इन 12 देशों से सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं। इसका मतलब है कि जोखिम का स्तर ऊँचा माना जा रहा है। प्रभावित देशों में शामिल हैं:इज़राइल, इराक, जॉर्डन, कुवैत, लेबनान, ओमान, कतर, सऊदी अरब, यूएई, यमन, मिस्र, सीरिया।