वेनेज़ुएला की नेता डेल्सी रोड्रिगेज ने अमेरिका पर आरोप लगाया है कि ‘नार्को टेररिज़्म’ को बहाना बनाकर असली मकसद वेनेज़ुएला की ऊर्जा संसाधनों पर कब्ज़ा करना है। पढ़ें उन्होंने ऐसा क्यों कहा।
डेल्सी रोड्रिगेज, डोनाल्ड ट्रम्प
वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने अब फिर से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर सीधा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि अमेरिका वेनेजुएला के तेल पर 'ऊर्जा लालच' के कारण कब्जा करना चाहता है। उन्होंने कहा कि ड्रग तस्करी या मानवाधिकार उल्लंघन तो झूठे बहाने हैं। इससे पहले रोड्रिगेज ने अमेरिका के साथ सहयोग का संकेत दिया था, लेकिन अब वह फिर से ट्रंप के ख़िलाफ़ कड़े शब्दों का इस्तेमाल कर रही हैं।
वेनेजुएला की संसद को संबोधित करते हुए रोड्रिगेज ने कहा, 'हम एक ऊर्जा महाशक्ति हैं, सच में हैं। इसी की वजह से हमें इतनी बड़ी मुश्किलें झेलनी पड़ रही हैं। आपको पता है कि उत्तरी देश की ऊर्जा लालच हमारे देश के संसाधनों पर है।' यह बयान ट्रंप के उस दावे के बाद आया है जिसमें उन्होंने कहा था कि वेनेजुएला की सरकार अमेरिका को पूरा सहयोग दे रही है और अमेरिका कई सालों तक वेनेजुएला और उसके तेल भंडार पर नियंत्रण रखेगा। ट्रंप ने कहा, 'वेनेजुएला हमें वो सब कुछ दे रहा है जो हमें ज़रूरी लगता है।'
रोड्रिगेज ने साफ़ कहा कि एकतरफा समझौता नहीं होगा। वे बोलीं, 'हम ऊर्जा संबंधों के लिए खुले हैं, जहां दोनों पक्षों को फायदा हो और सहयोग व्यावसायिक समझौते में साफ़-साफ़ लिखा हो।' इससे पहले रोड्रिगेज ने अमेरिका के साथ तेल व्यापार शुरू करने का बचाव किया था। उन्होंने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हटाने की अमेरिका की कोशिश ने रिश्तों पर कलंक लगा दिया, लेकिन अमेरिका के साथ व्यापार करना असामान्य या गलत नहीं है।
अमेरिका की तेल पर कब्जे की योजना
हाल के घटनाक्रम में अमेरिकी सेना ने दो टैंकर जब्त किए हैं, जिसे अमेरिका प्रतिबंधों का उल्लंघन मानता है। अमेरिकी अधिकारी अब वेनेजुएला के कच्चे तेल की सभी भविष्य की बिक्री पर नजर रखने और देश के वैश्विक पेट्रोलियम लेन-देन मैनेज करने की योजना बना रहे हैं।ट्रंप मादुरो के सत्ता से हटने के बाद वेनेजुएला के तेल राजस्व पर नियंत्रण का दावा कर रहे हैं। मंगलवार को ट्रंप ने कहा कि वेनेजुएला अमेरिका को 3 से 5 करोड़ बैरल तेल भेजेगा। ये तेल बाजार मूल्य पर बेचा जाएगा और पैसा अमेरिका के नियंत्रण में रहेगा।
ट्रंप ने इसे दोनों देशों के लिए बढ़िया सौदा बताया और कहा कि उनकी सरकार वेनेजुएला के तेल की वैश्विक बिक्री देखेगी और कुछ राजस्व काराकास को वापस भेजेगी।
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलीन लेविट ने कहा, 'वेनेजुएला के कच्चे तेल और उत्पादों की बिक्री से आने वाला सारा पैसा पहले अमेरिका नियंत्रित खातों में जाएगा। फिर अमेरिकी सरकार के फैसले से वो पैसा अमेरिकी और वेनेजुएला दोनों के लोगों के फायदे के लिए बांटा जाएगा।'
अनिश्चित काल तक नियंत्रण होगा: ऊर्जा सचिव
अमेरिकी ऊर्जा सचिव क्रिस राइट ने सबसे साफ बयान दिया। मियामी में गोल्डमैन सैक्स कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि ट्रंप प्रशासन वेनेजुएला के तेल की भविष्य की बिक्री को नियंत्रित करेगा और पैसा अमेरिकी खातों में रखेगा।
राइट बोले, 'सबसे पहले स्टोरेज में जमा कच्चा तेल बेचा जाएगा, जो अमेरिकी ब्लॉकेड की वजह से भर गया था। हम बस उस तेल को फिर से बाजार में लाएंगे। पहले स्टोरेज वाला तेल और फिर अनिश्चित काल तक वेनेजुएला से निकलने वाले उत्पादन को हम बेचेंगे।'
अमेरिका वेनेजुएला की खराब हो चुकी तेल इंफ्रास्ट्रक्चर को ठीक करने और उत्पादन बढ़ाने के लिए अमेरिकी कंपनियों को प्रोत्साहन दे रहा है। इसके लिए तेल क्षेत्र पर कुछ प्रतिबंध भी धीरे-धीरे हटाए जा रहे हैं। ट्रंप ने कहा कि वेनेजुएला 5 करोड़ बैरल तक तेल देगा, जिसकी मौजूदा कीमत पर कीमत करीब 2.8 अरब डॉलर है। उन्होंने इसे रणनीतिक आर्थिक बदलाव बताया और कहा, 'वेनेजुएला अमेरिका को अपना मुख्य साझेदार बनाने जा रहा है। ये वेनेजुएला और अमेरिका दोनों के लोगों के लिए बहुत अच्छा फैसला है।'
ट्रंप की कार्रवाई पर विवाद क्यों?
वेनेजुएला दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडार वाला देश है, लेकिन सालों के संकट और प्रतिबंधों से उसका उत्पादन बहुत कम हो गया। ट्रंप प्रशासन अब इसे अमेरिकी कंपनियों के लिए खोलना चाहता है, जबकि वेनेजुएला की नई सरकार इसे संप्रभुता का मामला बता रही है।