31 साल के कोल थॉमस एलेन ने 25 अप्रैल को व्हाइट हाउस के कार्यक्रम में घुसकर राष्ट्रपति ट्रंप की हत्या का प्रयास किया। लेकिन उसके प्रयास से ज्यादा महत्वपूर्ण उसका मेनिफेस्टो या बयान है कि आखिर वो क्यों ऐसा करना चाहता था। ट्रंप उसके पढ़े जाने पर भड़क उठे।
ट्रंप के कार्यक्रम में हमला करने वाला कोल एलेन और घटनास्थल
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर एक बार फिर जानलेवा हमले की कोशिश की गई। यह हमला वार्षिक व्हाइट हाउस करेस्पॉन्डेंट्स एसोसिएशन (WHCA) डिनर के दौरान 25 अप्रैल को हुआ। वॉशिंगटन के हिल्टन होटल में आयोजित इस डिनर में ट्रंप, उनकी पत्नी मेलानिया, कैबिनेट के सदस्य, सांसद और सैकड़ों अन्य प्रतिष्ठित मेहमान उपस्थित थे। हमलावर ने होटल के बाहर बने सुरक्षा चेकपॉइंट को जबरन पार किया, जिसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने उस पर गोलियाँ चलाईं। इस घटना के बाद हमलावर की पहचान कोल थॉमस एलन के रूप में की गई। कोल एलन का इस घटना को लेकर जो मेनिफेस्टो या बयान सामने आया है, वो काफी चर्चा में है। जिसमें उसने बताया कि ट्रंप उसके निशाने पर क्यों थे। लेकिन उससे पहले एक रोचक घटना हुई, जब ट्रंप एलन का मेनिफेस्टो पढ़े जाने पर भड़क गए।
सीबीएस न्यूज की रिपोर्टर पर भड़के ट्रंप
सीबीएस न्यूज़ की रिपोर्टर नोरा ओ'डॉनेल ने रविवार को इंटरव्यू लिया और एलन के मैनिफेस्टो के कुछ अंश पढ़े। द डेली बीस्ट ओ'डॉनेल ने मैनिफेस्टो से जुड़ा सवाल पूछते हुए कहा कि कोल एलन के टारगेट पर "प्रशासन के अधिकारी" थे। उसने (कोल एलन) कहा है कि "मैं अब एक पीडोफाइल, बलात्कारी और गद्दार को अपने अपराधों के लिए मेरे हाथों को कवर करने की अनुमति देने के लिए तैयार नहीं हूं।" आपकी प्रतिक्रिया क्या है?
ट्रंप ने कहा, "मैं रेपिस्ट नहीं हूँ, मैंने किसी का बलात्कार नहीं किया। मैं पेडोफाइल (बाल यौन अपराधी) नहीं हूँ... आप किसी बीमार इंसान की बकवास पढ़ रही हैं? मुझे उन चीज़ों से जोड़ा जा रहा है जिनका मुझसे कोई लेना-देना नहीं।" उन्होंने O'Donnell को "disgraceful" (शर्मनाक) कहा और कहा, "आपको '60 Minutes' पर यह नहीं पढ़ना चाहिए था। आप एक कलंक हैं।"
यह ट्रंप पर तीसरा हमला
O'Donnell ने ट्रंप से पूछा कि यह उनके जीवन पर तीसरा हत्या का प्रयास है। पहला बटलर में, दूसरा फ्लोरिडा के गोल्फ कोर्स पर। ट्रंप ने कहा कि वह इस विषय पर काफी शोध कर चुके हैं। ट्रंप ने यह भी कहा कि मैनिफेस्टो में Allen ने "No Kings" रैली का उल्लेख किया था और उस पर उसके विचारों का प्रभाव था। कौन है कोल थॉमस एलन
संदिग्ध की पहचान कोल थॉमस एलन (Cole Thomas Allen) के रूप में की गई है, जो कैलिफोर्निया के टोरेंस शहर का 31 वर्षीय शिक्षक है। वो एक टीचर और इंजीनियर था। उसने 2017 में कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (Caltech) से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री हासिल की, और 2025 में California State University से कंप्यूटर साइंस में मास्टर्स किया। वह पिछले छह साल से C2 Education कंपनी में काम करता था, जो छात्रों को कॉलेज प्रवेश की सलाह और परीक्षा तैयारी सेवाएं देती है। 2024 में कंपनी ने उसे "टीचर ऑफ द मंथ" भी घोषित किया था। एलन ने 2024 में कमला हैरिस के समर्थन में एक डेमोक्रेटिक पार्टी को 25 डॉलर का चंदा दिया था।
एलन ने अगस्त 2025 में एक शॉटगन खरीदी थी और उसके पास 2023 में खरीदी गई एक सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल भी थी। वह शुक्रवार को ही होटल में चेक-इन कर चुका था और लॉस एंजेलिस से ट्रेन के जरिए शिकागो और फिर वाशिंगटन डीसी पहुँचा था। एलन पर हिंसक अपराध में हथियार का इस्तेमाल करने और एक संघीय अधिकारी पर हमला करने के आरोप लगाए गए हैं। DC के लिए अमेरिकी अटॉर्नी जीनिन पिरो ने कहा कि आगे और आरोप लगाए जाने की उम्मीद है।
हमले से पहले एलन के भाई-बहनों ने पुलिस को सूचित किया था। भाई ने कनेक्टिकट पुलिस को फोन किया और बहन ने भी पुलिस को इसकी जानकारी दी। एलन की बहन अवरियाना एलन ने सीक्रेट सर्विस और मोंटगोमरी काउंटी पुलिस को बताया था कि उसका भाई अक्सर कट्टरपंथी बयान देता था। डेली बीस्ट के एग्जीक्यूटिव एडिटर Hugh Dougherty, जिनका होटल का कमरा एलन के बगल में था, ने सुरक्षा में भारी चूक का जिक्र किया। उन्होंने कहा, "भला कोई व्यक्ति एक असेंबल किए हुए लंबे बंदूक के साथ उस होटल में कैसे चेक-इन कर सकता है जहाँ राष्ट्रपति आने वाले हों?"
फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, जांचकर्ताओं को एलन के सोशल मीडिया अकाउंट्स पर ट्रंप-विरोधी और ईसाई-विरोधी बयानबाजी व्यापक रूप से मिली। इसके अलावा, एलन "द वाइड अवेक्स" नामक एक समूह से जुड़ा हुआ था और उसने कैलिफोर्निया में "नो किंग्स" विरोध प्रदर्शन में भाग लिया था।
कोल एलन का मेनिफेस्टो
मैनिफेस्टो की शुरुआत इन शब्दों से होती है: शायद आज मैंने बहुत लोगों को चौंका दिया होगा। एलन ने अपने माता-पिता से माफी माँगी कि उसने उन्हें बताया था कि उसका इंटरव्यू है, लेकिन यह नहीं बताया कि वह "Most Wanted" की लिस्ट में है। उसने अपने सहयोगियों और छात्रों से भी माफी माँगी। मैनिफेस्टो में एलन ने खुद को "Friendly Federal Assassin" (मित्रवत संघीय हत्यारा) कहा। उसने लिखा कि वह यह हमला इसलिए कर रहा है क्योंकि वह नहीं चाहता था कि प्रशासन के "अपराध" उसके हाथों को भी दागदार करें।
उसने लक्ष्य और नियम तय किए थे
एलन ने स्पष्ट किया कि उसके निशाने पर प्रशासनिक अधिकारी थे- "सर्वोच्च पद से निम्नतम पद तक प्राथमिकता के आधार पर।" लेकिन एक अपवाद था। FBI डायरेक्टर काश पटेल को निशाना नहीं बनाया जाना था। उसने यह भी लिखा कि सीक्रेट सर्विस, कैपिटल पुलिस और नेशनल गार्ड के जवान उसके निशाने पर नहीं थे, जब तक कि ज़रूरत न पड़े।काल्पनिक आपत्तियों के जवाब
मैनिफेस्टो में एलन ने संभावित आपत्तियों का भी जवाब दिया है। एक काल्पनिक आपत्ति: "एक आधे काले, आधे सफेद व्यक्ति के रूप में, तुम्हें यह नहीं करना चाहिए।" उसका जवाब था: "मुझे कोई और नहीं दिखा जो यह काम करे।" एक अन्य आपत्ति हो सकती है कि एक ईसाई को "दूसरा गाल भी आगे कर देना चाहिए।" इस पर उसने लिखा: "दूसरा गाल आगे करना तब होता है जब आप खुद सताए गए हों।" राष्ट्रपति पर आरोप
एलन ने मैनिफेस्टो में लिखा, "मैं अमेरिका का नागरिक हूँ। मेरे प्रतिनिधि जो करते हैं वह मुझ पर भी असर डालता है। और मैं अब एक बाल यौन अपराधी, रेपिस्ट और तानाशाह को अपने हाथों को उसके अपराधों से रँगने की अनुमति देने को तैयार नहीं हूँ।" यानी मैं ट्रंप का समर्थन कर उसके पापों में भागीदार नहीं बनना चाहता। मेनिफेस्टों में अंतिम शब्द
एलन ने लिखा, "मुझे माफी की उम्मीद नहीं है, लेकिन अगर मुझे इतना करीब पहुँचने का कोई और तरीका मिलता, तो मैं वह रास्ता अपनाता।" बहरहाल, इस घटना की चौतरफा निन्दा हो रही है। किसी की जान लेने की कोशिश निन्दनीय होती ही है। लेकिन यह घटना बता रही है कि राष्ट्रपति ट्रंप यूएस में बेहद अलोकप्रिय हो चुके हैं। उन पर यह तीसरा नाकाम हमला हुआ है। अभी तक हमला करने वाले जितने भी नाम या आरोपी सामने आए हैं, वे सभी अमेरिका के नागरिक निकले। किसी भी तरह का कोई विदेशी हाथ नहीं पाया गया।